
Road Safety: बिहार में सड़क हादसे अब आम बात हो चली है, लेकिन इन पर अंकुश लगाना बेहद ज़रूरी है. इसी उद्देश्य से भागलपुर में यातायात डीआईजी ने एक अहम बैठक की, जिसमें पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो.
भागलपुर में यातायात दुर्घटनाओं को कम करने और हादसों के बाद होने वाली मौतों व घायलों की संख्या पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह बैठक बिहार के यातायात डीआईजी सुशांत कुमार सरोज के नेतृत्व में भागलपुर के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में हुई। इसमें भागलपुर के सीनियर एसपी प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह, ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार के साथ-साथ नवगछिया और बांका के ट्रैफिक डीएसपी व यातायात से जुड़े पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Road Safety: पुलिस अधिकारियों को डीआईजी के कड़े निर्देश
कार्यक्रम के दौरान, यातायात डीआईजी ने सभी पुलिस अधिकारियों से Road Safety सुनिश्चित करने के लिए उचित और प्रभावी कदम उठाने की बात कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अक्सर पुलिस अधिकारियों पर हादसे के बाद समय पर सही काम न करने का आरोप लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को समय पर नैतिक और कानूनी मदद पहुंचाना हम सभी का नैतिक और कानूनी दायित्व है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीआईजी का सख्त संदेश
डीआईजी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हम न्यायोचित कार्य नहीं करेंगे तो हमारी वर्दी भी जा सकती है। यह संदेश Traffic Police अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट निर्देश है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। सड़क सुरक्षा को लेकर डीआईजी का यह दौरा और सख्त निर्देश, बिहार में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इससे पहले, भागलपुर पहुंचने पर यातायात डीआईजी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यह बैठक Road Safety को लेकर भविष्य की रणनीति तय करने में अहम साबित होगी और Traffic Police को अब और अधिक मुस्तैदी से काम करना होगा।
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