

Bhagalpur News: किसी ने अपनी ममता का गला घोंट दिया, तो किसी ने अपनी वर्दी में छिपे इंसान को जगा लिया। कहानी दो छोरों की है, एक ओर क्रूरता तो दूसरी ओर मानवता, जिसका साक्षी बना भागलपुर का नाथनगर रेलवे स्टेशन।
Bhagalpur News: जब लावारिस बच्चे पर पड़ी नजर
भागलपुर जिले के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना के बीच खाकी की कर्तव्यनिष्ठा ने एक मासूम की जिंदगी बचा ली। जानकारी के अनुसार, साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या: 63431) जब स्टेशन पर रुकी, तो ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार ने अपनी नियमित जांच के दौरान एक डिब्बे के बाथरूम के पास एक लावारिस नवजात शिशु को देखा। किसी ने कलेजे के टुकड़े को मरने के लिए छोड़ दिया था, लेकिन जवानों की सतर्कता ने उसे नया जीवन दे दिया। जवानों ने बिना कोई देरी किए तुरंत शिशु को अपने संरक्षण में लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
चाइल्ड लाइन को सौंपा गया मासूम
आरपीएफ के जवानों ने नवजात को पहले पोस्ट पर लाकर उसकी देखभाल की और फिर इस घटना की सूचना तुरंत चाइल्ड लाइन को दी। चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। फिलहाल, इस बात की जांच की जा रही है कि इस नवजात शिशु को किसने और किन हालातों में यहां छोड़ा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रेलवे पुलिस आसपास के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने का प्रयास कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस घटना के बाद जहां एक ओर लोग बच्चे को छोड़ने वाले की निंदा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरपीएफ जवानों के इस मानवीय कार्य की जमकर सराहना हो रही है। उनकी त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के कारण एक मासूम की जान बच गई, यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे जवानों के कारण ही पुलिस पर भरोसा कायम है।


