
Kisan Mela: जैसे इंद्रधनुष के सात रंग मिलकर आसमान को सजाते हैं, वैसे ही सबौर की धरती पर उत्साह, उमंग और विकास के रंग मिलकर एक नई तस्वीर बना रहे हैं। भागलपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय सबौर परिसर में आयोजित किसान मेले में विकास की यह झलक स्पष्ट दिखाई दी, जहां किसानों के चेहरे पर भविष्य की उम्मीदें खिल उठीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री राम कृपाल यादव और सरवन कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके तुरंत बाद, दोनों मंत्रियों ने किसानों के उत्थान और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का विधिवत उद्घाटन किया। इन योजनाओं का मूल उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
Kisan Mela में योजनाओं की बौछार
इस अवसर पर कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। उनका लक्ष्य खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बनाना है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और जैविक खेती को बढ़ावा दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि खेती की लागत भी कम होगी, जो सही मायने में कृषि विकास को गति देगा।

आधुनिक तकनीक और जैविक खेती पर जोर
वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री सरवन कुमार ने गांवों के समग्र विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास तब तक अधूरा है जब तक वहां की सड़कें, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं मजबूत न हों। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार इन सभी क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है ताकि ग्रामीण इलाकों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। इस भव्य आयोजन के दौरान कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का भी विमोचन किया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
गांवों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता
इन पुस्तकों के माध्यम से किसानों और आम लोगों तक नई और उपयोगी जानकारी पहुंचेगी, जो उन्हें अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। मेले में स्थानीय लोगों, किसानों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों की भारी भीड़ उमड़ी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभिन्न स्टॉलों पर लगे कृषि उपकरण, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के आकर्षक प्रदर्शन ने मेले की रौनक में चार चांद लगा दिए। यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र के कृषि विकास की एक नई कहानी लिख रहा है।




You must be logged in to post a comment.