
Bhagalpur Monkey Attack: जिंदगी की दौड़ में अक्सर इंसान ही नहीं, जानवर भी अपनी हदें पार कर जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों भागलपुर जिले के सन्हौला बाजार में देखने को मिल रहा है, जहां एक पागल बंदर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
Bhagalpur Monkey Attack: सन्हौला में खूनी तांडव, पागल बंदर के हमले से 4 लोग घायल, इलाके में दहशत का माहौल!
Bhagalpur Monkey Attack: जानें कैसे फैली दहशत और कौन हुआ शिकार
भागलपुर जिले के सन्हौला मार्केट में पिछले कुछ दिनों से एक पागल बंदर का आतंक चरम पर है। इसने इलाके में ऐसा दहशत का माहौल बना दिया है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। अब तक महिला समेत चार लोग इस खूंखार बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं, जिनमें से कुछ का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला में चल रहा है, वहीं कुछ निजी अस्पतालों में अपनी चोटों का उपचार करा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सोमवार को हटिया करने आईं दो महिलाओं पर इस बंदर ने अचानक हमला कर दिया। विश्वासखानी निवासी ललिता देवी और क्रांति देवी इस हमले का शिकार हुईं। ललिता देवी के हाथ में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना सन्हौला के जे.जे. मार्केट क्षेत्र में हुई, जिसने आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एक बार फिर स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बंदर लगातार कभी एक छत तो कभी दूसरी छत पर कूदता रहता है, जिससे पूरे बाजार और आसपास के इलाकों में लोगों की नींद हराम हो गई है। बच्चे तो डर के मारे घरों से बाहर निकलना ही बंद कर चुके हैं। एक महिला ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि बंदर ने उसके बच्चे पर भी हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन वह समय रहते दौड़कर बच्चे को बचाने में सफल रही। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
बंदर के लगातार बढ़ते आतंक और हमलों के मद्देनजर स्थानीय लोगों ने आपात सेवा 112 की टीम को इसकी सूचना दी थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक इस उत्पाती बंदर को पकड़ा नहीं जा सका है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। ऐसी स्थिति में आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
सन्हौला के निवासियों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि इलाके में शांति बहाल हो सके और लोग बिना किसी डर के अपने दैनिक कार्य कर सकें। घायल हुए लोगों में विश्वासखानी निवासी ललिता देवी एवं क्रांति देवी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला में कराया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है।








