Illegal Clinics Bihar: सन्हौला भागलपुर देशज टाइम्स। स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में मौत का सौदा करने वाले, कब तक बचेंगे? अब खैर नहीं! बिहार की धरती पर स्वास्थ्य के नाम पर फल-फूल रहे गोरखधंधे पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
भागलपुर के सन्हौला प्रखंड में लंबे अरसे से जारी अवैध क्लिनिक और जांच घरों के मायाजाल पर आखिरकार स्वास्थ्य विभाग का चाबुक चला है। आम लोगों की निरंतर शिकायतें और विभिन्न माध्यमों से सामने आ रही सच्चाई के बाद, स्थानीय विधायक शुभानंद मुकेश के अचानक निरीक्षण ने इस गंभीर मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया। इसके तत्काल बाद, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम सन्हौला पहुंची और बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान छेड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में अनगिनत क्लिनिक और जांच केंद्र बिना किसी वैध पंजीकरण, आवश्यक मानक संसाधनों और सरकारी दिशा-निर्देशों की परवाह किए बिना धड़ल्ले से चल रहे थे। विधायक के निरीक्षण के दौरान इन घोर अनियमितताओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाए और विभागीय अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Illegal Clinics Bihar: विधायक के तेवर और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में, स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने सन्हौला स्थित कई निजी क्लिनिकों और जांच घरों की गहन पड़ताल शुरू की। टीम ने पंजीकरण संबंधी दस्तावेज, जांच उपकरणों की गुणवत्ता, योग्य चिकित्सकों की मौजूदगी और अन्य सभी आवश्यक मानकों की बारीकी से जांच की। जब मीडियाकर्मियों ने टीम के अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई और सामने आई अनियमितताओं के बारे में सवाल किए, तो उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है। सभी केंद्रों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। जन स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी खबरों के लिए पढ़ते रहें देशज टाइम्स।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसी जांचें केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती थीं, लेकिन इस बार विधायक की सक्रियता और जनहित में उठी आवाजों के कारण लोगों में ठोस कार्रवाई की उम्मीद जगी है। आम जनता का स्पष्ट मत है कि ये अवैध क्लिनिक और जांच घर न केवल नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि गरीब और भोले-भाले लोगों के जन स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भविष्य की उम्मीदें और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच पूरी होने के उपरांत स्वास्थ्य विभाग दोषी पाए गए क्लिनिकों और जांच घरों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई करता है। यदि इस बार नियम विरुद्ध चल रहे संस्थानों पर वाकई ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो यह सन्हौला क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





