
Adani Power Plant: विकास की तेज रोशनी जब गरीबों की झोपड़ियों पर पड़ती है, तो अक्सर विस्थापन का अंधेरा छा जाता है। भागलपुर के पीरपैंती में भी कुछ ऐसा ही मंजर है, जहां संथाल और पहाड़िया आदिवासियों ने अपनी जमीन और पहचान बचाने के लिए आवाज बुलंद कर दी है। निर्माणाधीन पावर प्लांट परियोजना के कारण विस्थापन का सामना कर रहे इन ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वे एक इंच भी अपनी जमीन से नहीं हटेंगे।
मामला भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित हरिनकोल पंचायत के पहाड़िया टोला और संथाली टोला का है। यहां के स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों ने पुनर्वास और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अदानी पावर प्लांट परियोजना के लिए उनकी जमीनें तो ले ली गईं, लेकिन उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस योजना अब तक सामने नहीं रखी गई है, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या हैं Adani Power Plant से विस्थापितों की मुख्य मांगें?
ग्रामीणों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के सामने रखा है। उनका कहना है कि सिर्फ मुआवजा देना काफी नहीं है, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सभी सुविधाओं की गारंटी भी मिलनी चाहिए। उनकी पुनर्वास की मांग सिर्फ एक छत तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पूरे सामाजिक ताने-बाने को फिर से स्थापित करने की है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- सभी विस्थापित परिवारों के लिए समुचित और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था।
- समुदाय के लिए कब्रिस्तान की भूमि का आवंटन।
- बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल और अन्य सुविधाओं की स्थापना।
- गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था।
- स्वच्छ और नियमित पेयजल की स्थायी उपलब्धता।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार अपने घर और जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनके भविष्य का खाका अभी तक तैयार नहीं है। इस अनिश्चितता ने उनके जीवन में संकट पैदा कर दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी
अपनी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होते देख ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे रहा है। पहाड़िया और संथाल आदिवासी समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो वे शांत नहीं बैठेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जल्द ही सभी ग्रामीण एकजुट होकर अदानी पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। इस चेतावनी ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।




