भागलपुर न्यूज़: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के 32 अतिथि शिक्षकों के भविष्य पर जल्द ही एक बड़ा फैसला होने वाला है। पिछले साल हुई बहाली के बाद अब इनके सेवा विस्तार को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन ने पिछले वर्ष बहाल हुए 32 अतिथि शिक्षकों की संविदा अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन शिक्षकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में शिक्षण कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए की गई थी। अब जबकि उनकी संविदा अवधि समाप्त होने वाली है, विश्वविद्यालय उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
इस कदम से न केवल इन शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में पढ़ाई की निरंतरता भी बनी रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और जल्द से जल्द इस पर निर्णय लेना चाहता है ताकि किसी भी तरह की अकादमिक बाधा उत्पन्न न हो।
कुलपति की अध्यक्षता में होगी अहम बैठक
अतिथि शिक्षकों के सेवा विस्तार के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए विश्वविद्यालय ने 8 तारीख को एक बैठक निर्धारित की है। यह बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित अधिकारी और सदस्य शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा इन 32 अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन और विश्वविद्यालय को उनकी आवश्यकता का मूल्यांकन करना होगा।
इसी मूल्यांकन के आधार पर उनकी संविदा अवधि के विस्तार पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। विश्वविद्यालय के इस कदम से शिक्षकों में उम्मीद की एक किरण जगी है, लेकिन अंतिम फैसले तक अनिश्चितता की स्थिति भी बनी हुई है।
शिक्षकों में उम्मीद और बेचैनी का माहौल
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सेवा विस्तार की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबर से संबंधित अतिथि शिक्षकों में उम्मीद और बेचैनी का मिला-जुला माहौल है। वे सभी 8 तारीख को होने वाली बैठक के नतीजे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
यह फैसला उनके करियर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि विश्वविद्यालय उनके कार्यकाल को बढ़ाता है, तो यह उनके लिए एक बड़ी राहत होगी और वे विश्वविद्यालय में अपना योगदान देना जारी रख सकेंगे। अब सभी की निगाहें इस अहम बैठक पर टिकी हैं, जिसके बाद ही 32 अतिथि शिक्षकों का भविष्य स्पष्ट हो पाएगा।




