भागलपुर देशज टाइम्स। ज्ञान के मंदिर में जब प्रश्नपत्रों पर सवाल उठे, तो छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया था। लेकिन, अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिससे छात्रों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। TMBU Re-exam: भागलपुर विश्वविद्यालय ने स्नातक सेमेस्टर चार के हिंदी विषय की पुनर्परीक्षा कराने का फैसला लिया है, साथ ही ‘बेस्ट ऑफ टू’ का लाभ देकर छात्रों को बड़ी राहत दी है।
TMBU Re-exam: विवाद के बाद विश्वविद्यालय का छात्र हित में निर्णय
भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातक सेमेस्टर चार की हिंदी विषय की परीक्षा में सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने को लेकर बीते दिनों उठे विवाद पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार छात्र हित में एक बड़ा फैसला लिया है। टीएनबी कॉलेज और बीएन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों में विसंगति पाए जाने के बाद परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था, जिसके बाद यह मामला गरमा गया था। प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने इस पूरे प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जनवरी के दूसरे सप्ताह में पुनर्परीक्षा आयोजित कराने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय स्तर पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट, छात्रों के आरोपों और संबंधित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों के मंतव्यों का गहन अध्ययन करने के बाद यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस पूरे मामले में छात्रों की कोई गलती नहीं थी। प्रश्नपत्र सिलेबस से बाहर होने के कारण छात्रों का आक्रोश और परीक्षा बहिष्कार पूरी तरह से जायज पाया गया, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हिंदी विषय की पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
पुनर्परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक डॉ. बिनोद कुमार ओझा को सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही इस पुनर्परीक्षा की तिथि, परीक्षा केंद्र और अन्य सभी औपचारिक जानकारियों को एक विस्तृत अधिसूचना के माध्यम से जारी करेगा। टीएमबीयू के पीआरओ दीपक दिनकर ने इस संबंध में बताया कि जिन छात्रों ने उस दिन परीक्षा का बहिष्कार नहीं किया था, वे भी यदि चाहें तो इस पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए छात्रों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा, जो कि निश्चित रूप से छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अंक निर्धारण और अतिरिक्त शुल्क पर विश्वविद्यालय का स्पष्टीकरण
अंक निर्धारण को लेकर भी विश्वविद्यालय ने छात्र हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टीएमबीयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिणाम ‘बेस्ट ऑफ टू’ के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि छात्र जिस परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करेंगे, वही अंक अंतिम रूप से मान्य किए जाएंगे। इस फैसले से किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान नहीं होगा और वे अपनी मेहनत का पूरा फल प्राप्त कर सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विश्वविद्यालय के इस दूरदर्शी निर्णय से परीक्षा को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है और छात्रों ने राहत की सांस ली है। यह कदम दिखाता है कि विश्वविद्यालय अपने छात्र हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
यह स्पष्टीकरण छात्रों के लिए एक बड़ी मानसिक संतुष्टि लेकर आया है, क्योंकि उन्हें अब दोबारा परीक्षा देने या कम अंकों के कारण भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव की चिंता नहीं होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह निर्णय न केवल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाता है, बल्कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। यह एक सराहनीय पहल है जिससे छात्रों का विश्वास विश्वविद्यालय व्यवस्था में और अधिक मजबूत हुआ है।





