वैरायटी चौक भागलपुर: भागलपुर का दिल कहे जाने वाला वैरायटी चौक इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अतिक्रमण और भीषण ट्रैफिक जाम ने इस चौराहे की पहचान ही बदल दी है, जिससे शहरवासी हलकान हैं।
भागलपुर का हृदय स्थल वैरायटी चौक दशकों से शहर की पहचान रहा है, लेकिन आज यह अतिक्रमण और अव्यवस्था का शिकार है। जिस चौराहे से होकर शहर का लगभग हर व्यक्ति दिनभर गुजरता है, जहां से व्यापारिक गतिविधियां संचालित होती हैं, वह चौराहा अब घंटों लगने वाले जाम का पर्याय बन चुका है। यह शहर का सबसे व्यस्त चौराहा है, और इसका यह दर्द पूरे शहर को झेलना पड़ रहा है।
वैरायटी चौक भागलपुर: शहर की धड़कन, समस्याओं का केंद्र
इस महत्वपूर्ण चौराहे के आसपास हर तरफ स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण पसरा हुआ है। सीजनल सामान बेचने वाले हों या अन्य विक्रेता, सभी ने सड़कों पर कब्जा जमा लिया है। आलम यह है कि थोड़ी सी बारिश में भी यहां जबरदस्त जलजमाव हो जाता है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। यहां जाम की समस्या इतनी गंभीर है कि कई बार तो वाहन कुछ इंच भी हिल नहीं पाते और लोग घंटों फंसे रहते हैं। आश्चर्यजनक रूप से, अब तो रविवार को भी यहां अस्थाई बाजार लग जाता है, जिससे समस्या और भी विकराल हो जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और बढ़ता प्रदूषण
आर्थिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद, वैरायटी चौक बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है। यहां की समस्याओं को बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- पेशाबघर की कमी: महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों या बच्चों के लिए कोई सार्वजनिक पेशाबघर उपलब्ध नहीं है।
- पीने के पानी का अभाव: भीषण गर्मी या किसी भी समय पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं है।
- आपातकालीन सेवाओं की पहुंच नहीं: ट्रैफिक जाम भागलपुर की स्थिति इतनी विकट है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस या अग्निशमन वाहन भी समय पर नहीं पहुंच पाते।
- सफाई का अभाव और प्रदूषण: जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं, जिससे ध्वनि और वायु प्रदूषण चरम पर है।
- आवारा पशुओं का आतंक: दोपहर के बाद यह इलाका आवारा पशुओं का साम्राज्य बन जाता है, जिससे राहगीर, खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग, अक्सर चोटिल होते रहते हैं।
यह इलाका नगर निगम और आयकर विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व प्रदान करता है, फिर भी इसकी बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं है। व्यावसायिक संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स को भी इसे प्राथमिकता देते हुए इस समस्या के समाधान के लिए एक अभियान चलाने की आवश्यकता है। शहर के इस हृदय स्थल को अतिक्रमण और अव्यवस्था से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन और आम जनता, दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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