
Vikramshila Mahotsav: कला और संस्कृति की बहती बयार में जब स्थानीय प्रतिभाओं का रंग घुला, तो भागलपुर की धरती झूम उठी। तीन दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन का मंच पूरी तरह से स्थानीय फनकारों के नाम रहा, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया और दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
Vikramshila Mahotsav में गणेश वंदना से हुई भव्य शुरुआत
कार्यक्रम का आगाज स्थानीय एबी डांस ग्रुप की मनमोहक गणेश वंदना से हुआ। जैसे ही कलाकारों ने “गणपति बाप्पा मोरया” के जयकारों के साथ मंच पर अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति दी, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कलाकारों के सधे हुए कदम और बेहतरीन तालमेल ने कार्यक्रम के लिए एक शानदार माहौल तैयार कर दिया। दर्शकों का उत्साह देखने लायक था, जो हर एक प्रस्तुति का भरपूर आनंद ले रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गणेश वंदना के बाद, मंच पर दिव्या एंड ग्रुप ने “सांसों की सरगम गाए, सुर स्वागत” गीत प्रस्तुत कर सभी का स्वागत किया। इस मधुर गीत ने पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास का संचार कर दिया। कार्यक्रम में एक के बाद एक कई बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और आधुनिक कला का संगम देखने को मिला। इन प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि हमारे स्थानीय कलाकार किसी भी बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने की क्षमता रखते हैं।
महोत्सव में मौजूद हजारों की संख्या में दर्शकों ने हर प्रस्तुति पर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। यह केवल मनोरंजन का एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव था। देर रात तक चले इस कार्यक्रम ने लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच
विक्रमशिला की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित यह महोत्सव क्षेत्रीय प्रतिभाओं को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करने का जरिया भी बना। आयोजकों ने बताया कि इस महोत्सव का एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करना और उनकी कला को एक बड़ी पहचान दिलाना है। मंच पर प्रदर्शन कर रहे कलाकारों के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी।
महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर आयोजकों ने खुशी जाहिर की और बताया कि आने वाले दिनों में भी कई नामी-गिरामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे दर्शकों को एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आयोजन न केवल भागलपुर, बल्कि पूरे बिहार के लिए एक सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित हो रहा है।


