
Vikramshila Setu बंद होते ही भागलपुर में नाव संचालकों की मनमानी, ₹10 के बदले ₹200 किराया!
Vikramshila Setu: बंद क्या हुआ, भागलपुर की गंगा में यात्रियों की जान आफत में आ गई है। पुल बंद होने का फायदा उठाकर नाव संचालक खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, जहां ₹10 के किराए के लिए ₹200 तक वसूले जा रहे हैं। अपनी जान जोखिम में डालकर लोग मजबूरन यह जानलेवा सफर कर रहे हैं।
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद से गंगा नदी पार करने वाले यात्रियों को नाव संचालकों की भारी मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। वे ₹10 के बजाय ₹100 से ₹200 तक का किराया वसूल रहे हैं। यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर की जा रही यह अवैध वसूली अब एक गंभीर समस्या बन गई है।
व्यापार और जनजीवन पर गहरा असर
विक्रमशिला सेतु के बंद होने से सिर्फ यात्रियों की यात्रा ही नहीं, बल्कि नवगछिया और भागलपुर के बीच के व्यापार पर भी बुरा असर पड़ा है। दूध, सब्जियां और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और आम लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए और नाव संचालकों की मनमानी पर लगाम लगानी चाहिए ताकि यात्रियों की जान और उनका पैसा दोनों सुरक्षित रह सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Boat Service: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब नाव ही एकमात्र सहारा बचा है. लेकिन, यह सहारा यात्रियों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है. नाविक मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
भागलपुर, 04 मई (देशज टाइम्स)। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तरी बिहार का दक्षिणी बिहार से संपर्क टूट गया है. भागलपुर से नवगछिया और कोसी सीमांचल क्षेत्र जाने का एकमात्र जरिया अब नाव ही है. लोग जान जोखिम में डालकर नाव की सवारी कर भागलपुर से नवगछिया की ओर आवाजाही कर रहे हैं. जो दूरी पहले लगभग 5 किलोमीटर थी और 10 मिनट में तय हो जाती थी, अब उसे नाव से घंटों लग रहे हैं.
Vikramshila Setu: यात्रियों की मजबूरी और संचालकों की मनमानी
पुल के बंद होने के बाद से यात्रियों के पास गंगा पार करने के लिए नाव ही एकमात्र साधन बचा है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर नाव संचालक खुलेआम यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं और उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कई बार तो बीच गंगा में नाव खराब होने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यात्री घंटों फंसे रहे।
- अवैध किराया: 10 रुपये की जगह 100 से 200 रुपये तक की वसूली, जो यात्रियों के लिए एक बड़ा बोझ है।
- क्षमता से अधिक यात्री (ओवरलोडिंग): छोटी नावों में भी क्षमता से कई गुना ज्यादा लोग बैठाए जा रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
- सुरक्षा में लापरवाही: सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है। नावें पुरानी और खस्ताहाल हैं, जिनमें सुरक्षा उपकरण न के बराबर हैं। बीच धारा में पंप खराब होने की घटनाएँ आम हो गई हैं।
नाविकों द्वारा 10 रुपये की जगह 100 से दो सौ रुपये प्रति व्यक्ति किराया वसूला जा रहा है, जिससे यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह मनमाना किराया सबसे ज्यादा स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी समस्या बन गया है, जो रोजमर्रा के काम के लिए नवगछिया से भागलपुर आते-जाते हैं.
सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद आवागमन ठप, Boat Service एकमात्र विकल्प
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि नाविकों की मनमानी से वे बेहद परेशान हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से रेट चार्ट के अनुसार किराया वसूलने की मांग की है. हालांकि, भागलपुर प्रशासन लगातार आम लोगों से ओवरलोडेड नाव पर यात्रा न करने की अपील कर रहे हैं. लेकिन, वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण लोग मजबूरन इन नावों में सफर कर रहे हैं. यह ‘Boat Service’ लोगों के लिए मजबूरी का सौदा बन गई है.
यात्रियों की बढ़ी परेशानी, प्रशासन की अपील बेअसर
प्रतिदिन सुबह होते ही बाबूपुर गंगा घाट पर यात्रियों की लंबी कतार लग जाती है. लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते हैं. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक विक्रमशिला सेतु की मरम्मत नहीं हो जाती या कोई स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि लोग इस मनमानी लूट से बच सकें.






