
जगदीशपुर न्यूज़: सरकारी बीज मिलेगा, इसी उम्मीद में सुबह से लाइन में लगी थीं दर्जनों महिला किसान. लेकिन जब घंटों इंतज़ार के बाद भी उनके हाथ खाली रहे, तो उनका सब्र जवाब दे गया. इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे ब्लॉक कार्यालय में हड़कंप मचा दिया.
मामला भागलपुर जिले के जगदीशपुर का है, जहां कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था देखने को मिली. यहां बीज लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला किसान इकट्ठा हो गई थीं. उन्हें उम्मीद थी कि सरकारी योजना के तहत उन्हें रियायती दरों पर बीज मिलेगा, जिससे उनकी खेती की लागत कम हो सकेगी. लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी वितरण प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी.
महिलाएं अपने घर का कामकाज छोड़कर और लंबी दूरी तय करके बीज वितरण केंद्र पहुंची थीं. चिलचिलाती धूप में लंबी कतारों में खड़े रहकर वे अपनी बारी का इंतजार करती रहीं, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया.
घंटों इंतजार, फिर भी हाथ खाली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि बीज कब और कैसे बंटेगा. इस वजह से असमंजस की स्थिति बनी रही और किसानों का धैर्य धीरे-धीरे टूटने लगा. जब दोपहर तक कोई समाधान नहीं निकला तो महिलाओं का गुस्सा भड़क उठा.
उनका आरोप था कि अधिकारी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं और बीज वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है. कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि अगर बीज उपलब्ध नहीं था तो उन्हें सुबह से क्यों खड़ा रखा गया.
अव्यवस्था पर फूटा गुस्सा, जमकर हुई नारेबाजी
अव्यवस्था से नाराज होकर महिला किसानों ने केंद्र पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हंगामे की वजह से कार्यालय का काम कुछ देर के लिए ठप हो गया.
किसानों की मुख्य शिकायतें थीं:
- बीज वितरण के लिए कोई निश्चित समय नहीं बताया गया.
- केंद्र पर जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी.
- किसानों को सही जानकारी नहीं दी जा रही थी.
- लंबी कतारों के बावजूद वितरण प्रक्रिया बेहद धीमी थी.
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया और उन्हें बीज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की पोल खोल दी है.







