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Bihar News |Bhagalpur News| भागलपुर विश्वविद्यालय में Lecturer Recruitment में बड़ी गड़बड़ी! Patna High Court ने दिए जांच के आदेश

Bhagalpur University लगातार भर्ती के काले परत में लिपट रहा है। पहले मार्च में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में संविदा पर जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति के दौरान गड़बड़ी का मामला उठा। अब, ताजा मामला, लेक्चरर भर्ती (Lecturer Recruitment ) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का है। फिलहाल, Patna High Court ने investigation के आदेश दिए हैं। इससे विवि का प्रशासनिक तंत्र अंदर से हड़कंप में है।

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देशज टाइम्स | Highlights -

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Bihar News |Bhagalpur News| भागलपुर विश्वविद्यालय में Lecturer Recruitment में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है!इसको लेकर Patna High Court ने गंभीरता दिखाई है। कोर्ट ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं जहां भागलपुर विश्वविद्यालय (Bhagalpur University) में भर्ती घोटाला की बू से हड़कंप मचा है। इसको लेकर पटना हाई कोर्ट का सख्त आदेश आ गया है। दरअसल, विश्वविद्यालय में लेक्चरर भर्ती (Lecturer Recruitment ) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आई है। इसको लेकर पटना हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दिए हैं।

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Bihar News| Bhagalpur News| इससे पहले भी, टीएमबीयू की निविदा बहाली में गड़बड़ी का लग चुका है तमंगा

इससे पहले भी, गत मार्च महीनें में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) की सिंडिकेट सदस्य रूबी कुमारी ने विवि में संविदा पर जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने नियुक्ति में तथ्यों को छिपाने की बात कही थी।

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Bihar News| Bhagalpur News| इनमें दो इंजीनियर समेत सभी कर्मियों की 2017 में बहाली की गयी

सिंडिकेट सदस्य के अनुसार सेवानिवृत जस्टिस अखिलेश चंद्रा की जांच रिपोर्ट के अनुसार राजभवन ने आठ कर्मियों की सेवा रद की थी। इनमें दो इंजीनियर समेत सभी कर्मियों की 2017 में बहाली की गयी। इस मामले को लेकर जब टीएमबीयू से 2017 में बहाली का विज्ञापन मांगा, तो 2006 का विज्ञापन दिया गया। इससे बहाली में गड़बड़ी की आशंका है।

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Bihar News| Bhagalpur News| ताजा मामला, 1997 का है जहां, 29 लेक्चररों की बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई थी

वहीं, ताजा मामला, 1997 का है जहां, 29 लेक्चररों की बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब इतने सालों बाद इसकी गड़बड़ी पकड़ी गई है। जहां, पटना हाई कोर्ट ने पूरे मामले में संज्ञान लिया है। याचिकाकर्ता को समस्त दस्तावेज निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने की छूट दी है। इस मामले में न्यायाधीश विवेक चौधरी की एकलपीठ ने मधु शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी आगे की जांच कर पूरक आरोप पत्र दायर कर सकते हैं।

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Bihar News| Bhagalpur News| इस आदेश से उम्मीद जगी है कि भागलपुर विवि में लेक्चरर भर्ती में भारी

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट के इस आदेश से उम्मीद जगी है कि भागलपुर विवि में लेक्चरर भर्ती में भारी अनियमितता की अब सही तरीेके से जांच हो पाएगी। निष्पक्ष फैसले सामने आएंगें जहां एनवीआई की जांच से सारा सच बाहर निकल आएगा। वहीं, योग्य अभ्यर्थियों जो इस भर्ती से वंचित रह गए थे, को न्याय मिल सकेगा।

Bihar News| Bhagalpur News| इनका दावा है कि उन्हें गलत तरीके से चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था

जानकारी के अनुसार, मधु शर्मा ने 1997 में आयोजित लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में भाग लिया था। इनका दावा है कि उन्हें गलत तरीके से चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था। वहीं, विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा गठित चयन समिति ने 1100 सफल उम्मीदवारों की सूची बनाई थी।

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Bihar News| Bhagalpur News| अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कोर्ट को बताया कि 1997 में 29 लेक्चरर की बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई

आरोप है कि नियुक्ति में राजनीतिक दबाव और कुलपति के करीबियों को फायदा पहुंचाया गया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कोर्ट को बताया कि 1997 में 29 लेक्चरर की बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

Bihar News| Bhagalpur News| निगरानी अन्वेषण ब्यूरो दस्तावेजों की जांच कर यह तय करेगा कि

याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बिबेक चौधरी की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने भले ही मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं किया है, लेकिन निगरानी अन्वेषण ब्यूरोको जांच में पूरा सहयोग करने के लिए कहा है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो दस्तावेजों की जांच कर यह तय करेगा कि उन्हें सबूत के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है या नहीं।

Bihar News| Bhagalpur News| जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी

इसके बाद जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगी। कोर्ट ने निगरानी के विशेष न्यायालय को जांच अधिकारी की ओर से दिए गए नये साक्ष्य पर विचार करने और ट्रायल प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।

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