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मार्च, 3, 2026
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बिहार विधानसभा: नई सरकार, नया सदन और बदलते सियासी समीकरण

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पटना न्यूज: बिहार की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार, 01 दिसंबर, 2025 को गहमागहमी के बीच शुरू हो गया. अगले पांच दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सत्र में कई अहम कार्य पूरे किए जाएंगे. पहले दिन की शुरुआत नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुई, जिसने सदन के भीतर बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य की एक झलक पेश की.

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शपथ ग्रहण से सत्र का आगाज

विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने सदन के नए सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान सबसे पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने विधायक के रूप में शपथ ली. वह तारापुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं. उनके बाद दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से अपनी शपथ पूरी की. प्रोटेम स्पीकर ने परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंत्रियों को शपथ दिलाई.

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राज्यपाल ने दिलाई थी प्रोटेम स्पीकर को शपथ

इससे पहले, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में नरेंद्र नारायण यादव को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई थी. प्रोटेम स्पीकर का मुख्य कार्य नए विधायकों को शपथ दिलाना और नए स्पीकर के चुनाव तक सदन की कार्यवाही का संचालन करना होता है.

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बदलती दिख रही सदन की तस्वीर

18वीं विधानसभा में सदन के अंदर की स्थिति पिछली बार से काफी बदली हुई नजर आ रही है. इस बार सदन में एक भी निर्दलीय विधायक जीत कर नहीं आया है, जो एक बड़ा बदलाव है. वहीं, विपक्ष की संख्या में भी पिछली विधानसभा के मुकाबले काफी कमी आई है. मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पास 25 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस को केवल छह सीटों पर ही जीत मिल पाई है.

सत्ता पक्ष का मजबूत गणित

सत्ताधारी गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जिसने इस विधानसभा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) 85 विधायकों के साथ गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बनी हुई है. यह आंकड़ा नई सरकार के बहुमत और गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है.

राज्यपाल का संबोधन और नई सरकार का एजेंडा

सत्र के दौरान 03 दिसंबर को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान विधानसभा एनेक्सी के सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों, विधानसभा और विधान परिषद, को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस संबोधन में नवगठित एनडीए सरकार के अगले कार्यकाल के लिए प्राथमिकताएं और कार्ययोजना स्पष्ट की जाएगी. यह संबोधन सरकार की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

चुनाव परिणाम की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 06 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन ने कुल 202 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया था. इसके विपरीत, विपक्षी महागठबंधन को 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जिसमें से 25 सीटें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के खाते में गईं. इन चुनाव परिणामों ने ही मौजूदा विधानसभा की संरचना को आकार दिया है.

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