पटना से बड़ी खबर! बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर टिकी हैं. सत्र से ठीक पहले महागठबंधन ने एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें NDA सरकार की वैधता पर सवाल उठाए गए और चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगे. इन सब के बीच राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर धारा 163 लागू कर दी गई है. आखिर क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं…
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. यह सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा. इस महत्वपूर्ण सत्र को लेकर राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. सत्र के दौरान नए विधायक शपथ ग्रहण करेंगे और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी होगा, जिससे राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने की उम्मीद है.
महागठबंधन की रणनीति बैठक
सत्र से पहले, महागठबंधन ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सदन के अंदर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना और अपनी रणनीति तय करना था. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पार्टी आने वाले विधानसभा सत्र की तैयारियों में जुटी है. उन्होंने कहा कि यह बैठक विधायकों के शपथ ग्रहण और स्पीकर चुनाव जैसे विषयों पर केंद्रित थी. बैठक के बाद ही आगे की विस्तृत जानकारी सामने आएगी.
भाई वीरेंद्र ने इस दौरान बिहार में हाल ही में बनी एनडीए सरकार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आज बिहार की जनता पूछ रही है कि उन्होंने महागठबंधन को वोट दिया था, तो आखिर वह वोट कहां चले गए? लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि बिहार में एनडीए की सरकार का गठन कैसे हो गया.
वोट खरीदने के गंभीर आरोप
आरजेडी नेता शक्ति यादव ने इस बैठक के संदर्भ में एनडीए सरकार पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि बिहार में चुनाव के दौरान लोगों के बैंक खातों में पैसे डालकर वोट खरीदे गए. यादव ने बताया कि खास बात यह है कि बिहार में जब मतदान प्रक्रिया चल रही थी, तब भी लोगों के खातों में पैसे भेजे गए थे. उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यह पहली बार हुआ है जब चुनाव आयोग एनडीए के साथ खड़ा दिखाई दिया.
कांग्रेस ने भी उठाये सवाल
महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस के विधायक समीर सिंह ने भी सत्र की तैयारियों पर बात की. उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन के सभी सदस्य एकजुट हैं और किसी में कोई मनमुटाव नहीं है. सिंह ने स्वीकार किया कि उनसे कुछ चूक हुई है, जिस पर बैठक में चर्चा की जा रही है. उन्होंने बताया कि सत्र में किन मुद्दों को उठाया जाना है, इस पर भी विस्तार से बातचीत होगी. कांग्रेस विधायक ने कहा कि पार्टी की बैठक खत्म होने के बाद ही आगे की रणनीति के बारे में कुछ स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा.
पटना में धारा 163 लागू
विधानसभा सत्र के मद्देनजर राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया गया है. 1 से 5 दिसंबर तक शहर में धारा 163 लागू कर दी गई है. इस दौरान एक जगह पर लोगों के जमावड़े, विरोध प्रदर्शन, जुलूस निकालने, नारेबाजी करने और हथियार या विस्फोटक सामग्री ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. ये प्रतिबंध मुख्य रूप से विधानसभा भवन और सचिवालय थाना क्षेत्र के आसपास के विशिष्ट मार्गों पर प्रभावी रहेंगे. हालांकि, कुछ सरकारी अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और अधिकृत व्यक्तियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है.





