पटना न्यूज़: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब राजधानी पटना में राजनीतिक सरगर्मी तेज होने वाली है। आगामी सोमवार, 1 दिसंबर से विधानसभा का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है, और इसके साथ ही पूरे शहर पर सुरक्षा का एक अभेद्य घेरा डाल दिया गया है। क्या है प्रशासन की तैयारी और किन नियमों से बंधेगी पटना की हलचल, जानने के लिए पढ़ते रहिए…
विधानसभा सत्र और सुरक्षा का घेरा
बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू होकर शुक्रवार, 5 दिसंबर तक चलेगा। इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान राजधानी पटना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 प्रभावी रहेगी। इस धारा के लागू होने के साथ ही शहर में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक विरोध कार्यक्रमों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने सत्र के निर्बाध संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।
अनुमंडल पदाधिकारी का आदेश और उसकी वजह
पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की प्रबल आशंका रहती है। इसी आशंका को देखते हुए, संभावित व्यवधानों को रोकने और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
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इन गतिविधियों पर रहेगी सख्त पाबंदी
धारा 163 के तहत, प्रशासन ने कई गतिविधियों को प्रतिबंधित किया है, जिनमें शामिल हैं:
- पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का गैरकानूनी रूप से एकत्र होना।
- जुलूस निकालना, घेराव करना या धरना-प्रदर्शन करना।
- किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधि में शामिल होना।
- आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे हथियारों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर घूमना। इन सभी कृत्यों को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
लाउडस्पीकर और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
जिला प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूरी तरह से वर्जित रहेगा। यह आदेश 1 दिसंबर से प्रभावी होगा और 5 दिसंबर तक लागू रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए, विधानसभा परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही, संबंधित मार्गों पर विशेष ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था भी लागू की जाएगी ताकि आवागमन में कोई बाधा न हो और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय विधानसभा की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने के लिए अत्यंत आवश्यक है।







