पटना न्यूज: बिहार इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। सुबह और शाम सड़कों पर पसरी सफेद चादर से जनजीवन बेहाल है। लेकिन ये तो बस शुरुआत है! मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के लोगों की मुश्किलें दोगुनी होने वाली हैं। आखिर कब मिलेगी इस कंपकंपाती ठंड से राहत और क्या कहते हैं मौसम के तेवर, आइए जानते हैं…
शीतलहर और कोहरे का मौजूदा कहर
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। सुबह होते ही घना कोहरा छा जाता है, जिससे दृश्यता (visibility) काफी कम हो जाती है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में लोग दिनभर ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है, और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। खासकर सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर निकलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे ट्रेनों और बसों की रफ्तार थम गई है।
‘इस दिन’ से दोगुनी होंगी समस्याएं? जानें आशंकाएं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर और तेज होने की संभावना है। हालांकि ‘किस दिन’ से यह स्थिति और गंभीर होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। ऐसे में लोगों की परेशानियां दोगुनी होना तय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। अस्पताल में सर्दी-जुकाम, खांसी और निमोनिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा होने की आशंका है, जिससे यात्रा करना और भी जोखिम भरा हो जाएगा।
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ठंड से बचाव के उपाय और सरकारी अलर्ट
बढ़ते ठंड और कोहरे के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषकर वाहन चालकों को घने कोहरे में अतिरिक्त सावधानी बरतने, फॉग लाइट का उपयोग करने और धीरे चलने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की हिदायत दी गई है। लोग गर्म कपड़े पहनने, अलाव का सहारा लेने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने कई जगहों पर अलाव की व्यवस्था भी की है ताकि गरीब और बेघर लोगों को ठंड से राहत मिल सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा है।
यह सर्द मौसम जहां जनजीवन पर भारी पड़ रहा है, वहीं लोगों को अधिक सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। मौसम की यह मार कब तक जारी रहेगी, यह कहना मुश्किल है, लेकिन आने वाले दिन चुनौती भरे हो सकते हैं।



