दिल्ली में कांग्रेस की हार की समीक्षा चल रही थी, बिहार के दो नेता आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ी कि एक नेता ने दूसरे को गोली मारने की धमकी दे डाली। क्या है पूरी कहानी और क्यों इतना गहराया है बिहार कांग्रेस का अंदरूनी कलह?
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी सिर्फ 6 सीटें ही जीत पाई। इस हार की समीक्षा के लिए बीते गुरुवार (27 नवंबर, 2025) को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एक अहम बैठक बुलाई गई थी। लेकिन यह बैठक शांतिपूर्ण नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, इसी बैठक के दौरान बिहार से पार्टी के दो पूर्व प्रत्याशियों के बीच तीखी बहस हो गई, जो बाद में धमकी में बदल गई।
वैशाली से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे इंजीनियर संजीव सिंह और पूर्णिया से प्रत्याशी रहे जितेंद्र कुमार के बीच जमकर कहासुनी हुई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि इंजीनियर संजीव सिंह ने जितेंद्र कुमार को कथित तौर पर गोली मारने की धमकी दे डाली। इस घटना से बैठक में मौजूद अन्य नेता भी हतप्रभ रह गए। अब जितेंद्र कुमार ने इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
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‘गोली मारने की धमकी दी, मुझे डर नहीं लगता’
जितेंद्र कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इंजीनियर संजीव सिंह ने यह धमकी हताशा में दी थी। कुमार के अनुसार, ‘फ्रेंडली फाइट’ के कारण संजीव सिंह को बहुत कम वोट मिले थे, जिससे वे निराश थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके साथ गाली-गलौज भी हुई थी, तो उन्होंने कहा कि जब बात गोली मारने तक पहुंच गई हो, तो गाली-गलौज की चर्चा करना बेमानी है।
संजीव सिंह की धमकी पर जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि उन्हें ऐसी धमकियों से कोई डर नहीं लगता। उन्होंने कहा, “सारे लोगों के बारे में उन्होंने (संजीव सिंह) कहा है, चाहे वह केंद्रीय नेतृत्व हो या प्रदेश नेतृत्व हो… जिस पार्टी में आप हैं, उस पार्टी के नेतृत्व के बारे में बोला जाएगा तो निश्चित रूप से क्षमा करने योग्य बात नहीं है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराएंगे, क्योंकि उन्होंने ऐसे कई ‘पैसे वालों’ को आते-जाते देखा है।
‘पार्टी अनुशासन का मामला’
जितेंद्र कुमार ने इस पूरे प्रकरण को पार्टी अनुशासन का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि समिति इस मामले को देखेगी और पार्टी नेतृत्व को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में कम वोट मिलने पर इतना हताश नहीं होना चाहिए। संजीव सिंह चुनाव में तीसरे या चौथे स्थान पर रहे थे। कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि संजीव सिंह ने महागठबंधन के सभी सदस्यों पर आरोप लगाए थे।
वहीं, इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने अलग राय रखी। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक के दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ था। उनके अनुसार, यह विवाद बैठक के बाहर हुआ था। तारिक अनवर ने कहा कि यदि किसी का व्यक्तिगत झगड़ा या विवाद है, तो उसे पार्टी की चर्चा में शामिल करना उचित नहीं है।






