बिहार न्यूज़: सूबे में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव 2025 और उपचुनावों के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन एक बात है जो सबको चौंका रही है. जहां अक्सर चुनाव परिणामों के बाद ईवीएम पर सवाल उठते रहे हैं, वहीं इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ है. चुनाव आयोग ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठने वाले सवालों पर विराम लग गया है.
ईवीएम जांच पर आयोग का बयान
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और 8 उपचुनाव क्षेत्रों में से किसी भी हारने वाले उम्मीदवार की ओर से ईवीएम की जली हुई मेमोरी या माइक्रोकंट्रोलर की जांच के लिए कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. यह जानकारी आयोग ने हाल ही में जारी एक बयान में दी है, जो चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास बढ़ाने वाली है.
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने 17 जून 2025 को मतगणना के बाद ईवीएम की जांच और सत्यापन के लिए एक संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की थी. इस SOP के तहत, सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार के बाद दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी परिणाम की घोषणा के सात दिनों के भीतर ईवीएम की जांच और सत्यापन की मांग कर सकते थे. हालांकि, इस समय सीमा के भीतर किसी भी उम्मीदवार ने ऐसी कोई मांग नहीं की.
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वीवीपैट सत्यापन और अन्य उपलब्धियां
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के सफल आयोजन के साथ कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने का भी दावा किया है. आयोग के अनुसार, इस चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र के पांच रैंडमली चुने गए मतदान केंद्रों पर वीवीपैट पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन किया गया. इस विस्तृत जांच में कहीं भी ईवीएम गणना में कोई विसंगति नहीं पाई गई, जो चुनावी प्रक्रिया की सटीकता की पुष्टि करता है.
चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार चुनाव में अपनाई गई पारदर्शी और प्रभावी प्रक्रियाओं के कारण कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं:
- राज्य के सभी 38 जिलों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद किसी भी मतदाता या 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से किसी ने भी गलत तरीके से शामिल या बहिष्कृत किए जाने के खिलाफ कोई अपील नहीं की.
- चुनाव में भाग लेने वाले 2,616 उम्मीदवारों या 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से किसी ने भी दोबारा मतदान का अनुरोध नहीं किया.
- बिहार चुनाव और 8 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों के लिए इंडेक्स कार्ड पहली बार चुनाव परिणामों की घोषणा के 72 घंटों के भीतर उपलब्ध कराए गए.
- इसके अतिरिक्त, बिहार चुनाव 2025 की सांख्यिकीय रिपोर्टों का पूरा सेट चुनाव संपन्न होने के पांच दिनों के भीतर सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क उपलब्ध करा दिया गया.



