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29 नवम्बर, 2025

बिहार में शराबबंदी के बीच ‘नशे’ का नया खेल: गांजे की बड़ी खेप के साथ लाखों कैश जब्त, कई धंधेबाज गिरफ्तार

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बिहार में शराबबंदी है, लेकिन नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश में जहां शराब का धंधा चोरी-छिपे फल-फूल रहा है, वहीं अब गांजा जैसे मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी जाना चिंताजनक है। हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई में गांजे की एक विशाल खेप के साथ लाखों रुपये नकद बरामद हुए हैं, और इस मामले में कई धंधेबाज भी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जिससे नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।

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कैसे हुआ गांजे की बड़ी खेप का खुलासा?

राजधानी पटना में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नशे के कुछ बड़े धंधेबाज मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप लेकर शहर में सक्रिय हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने घेराबंदी की और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में गांजा और उसके साथ लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक बरामद गांजे की सटीक मात्रा और नकदी के पूरे आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन इस खेप का आकार और इसका संभावित असर काफी बड़ा माना जा रहा है।

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नशे के नेटवर्क पर बड़ी चोट

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजे के कारोबार में लिप्त कई धंधेबाजों को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से गांजा तस्करी के अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है। यह कार्रवाई प्रदेश में चल रहे नशे के बड़े नेटवर्क पर एक गंभीर चोट मानी जा रही है।

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शराबबंदी के बावजूद बढ़ता नशे का कारोबार

बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। सरकार का दावा है कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि शराबबंदी के बाद नशे के दूसरे विकल्पों, जैसे गांजा, चरस, ब्राउन शुगर और कफ सिरप का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है। यह ताजा बरामदगी इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि नशे के सौदागर अपनी पैठ लगातार मजबूत कर रहे हैं और युवाओं को अपनी चपेट में ले रहे हैं। पुलिस और नारकोटिक्स विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।

पुलिस और प्रशासन की चुनौतियां

मादक पदार्थों की तस्करी के इस बढ़ते चलन से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन पर दोहरा दबाव है। जहां एक ओर शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू रखना है, वहीं दूसरी ओर गांजा जैसे अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर भी लगाम कसनी है। इस तरह की बड़ी बरामदगियां यह दर्शाती हैं कि राज्य में सक्रिय तस्कर बेहद संगठित तरीके से काम कर रहे हैं। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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