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29 नवम्बर, 2025

बिहार विधानमंडल सत्र: सुरक्षा का कड़ा पहरा, जानिए क्या हैं पाबंदियां

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पटना में गहमागहमी का माहौल है! बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र से पहले ही जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. किसी भी अप्रिय घटना से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं. क्या है धारा 163 और किन गतिविधियों पर लगी है रोक? पढ़िए पूरी खबर…

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बिहार विधानमंडल का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है. इसे लेकर पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की तैयारी पूरी कर ली है. सत्र के दौरान किसी भी तरह की अशांति से निपटने और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने सत्र के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूरे विधानमंडल परिसर और उसके आसपास के इलाकों में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 163 लागू कर दी है. यह धारा शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए लगाई जाती है और इसके तहत कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लग जाता है.

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किन गतिविधियों पर लगी है रोक?

धारा 163 लागू होने के बाद, विधानमंडल परिसर के आसपास के क्षेत्रों में कई तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

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  • पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का एक साथ जमा होना.
  • प्रदर्शन, धरना-प्रदर्शन और रैलियां निकालना.
  • आग्नेयास्त्रों या किसी भी प्रकार के घातक हथियारों का प्रदर्शन या ले जाना.
  • सरकारी कामकाज में बाधा डालने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल होना.
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इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य विधानमंडल सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनप्रतिनिधियों को निर्बाध रूप से अपने कर्तव्यों का पालन करने देना है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा. विधानमंडल परिसर के प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो सके.

जिला प्रशासन ने सत्र से संबंधित सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से कुशलता से निपटा जा सके. एम्बुलेंस और अग्निशमन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है. इन तैयारियों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो.

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