बिहार से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के एक नव-निर्मित स्कूल में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्राएं धुएं के कारण बेहोश हो गईं, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
यह घटना स्कूल में उस वक्त घटी जब पढ़ाई चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट के बाद आग तेजी से फैली और देखते ही देखते स्कूल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से निकलने वाले धुएं ने जल्द ही पूरे स्कूल में ऐसा घना कोहरा बना दिया कि छात्राओं को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
आग का तांडव और छात्राओं की हालत
धुएं के कारण कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी और वे एक-एक कर बेहोश होने लगीं। आनन-फानन में स्कूल प्रशासन ने छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा और आग बुझाने के साथ-साथ छात्राओं को प्राथमिक उपचार देने का काम शुरू किया।
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मुख्यमंत्री ने किया था उद्घाटन, अब सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि यह वही स्कूल है जिसका उद्घाटन पिछले साल खुद मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस स्कूल का उद्घाटन करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। ऐसे में एक साल के भीतर ही स्कूल में आग लगने की यह घटना कई सवाल खड़े करती है। इस घटना के बाद न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि अभिभावकों में भी चिंता और दहशत का माहौल है। वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और सभी छात्राओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बेहोश हुई छात्राओं को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गनीमत रही कि किसी बड़े जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और बिजली फिटिंग की गुणवत्ता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। स्थानीय पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने के पीछे क्या कोई लापरवाही थी। यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक है कि सार्वजनिक संस्थानों, खासकर स्कूलों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कितना आवश्यक है।







