

छपरा न्यूज़: सारण जिले में एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच सीधी मुठभेड़ ने सनसनी फैला दी है. सोमवार को छपरा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एसटीएफ और सारण पुलिस की संयुक्त टीम का सामना एक कुख्यात बदमाश से हुआ. इस दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में अपराधी के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे दबोच लिया. यह अपराधी हत्या, लूट और रंगदारी जैसे कई संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था.
कैसे हुई मुठभेड़ की शुरुआत?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को गड़खा थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव निवासी कुख्यात अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी. शिकारी राय पर हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज थे और वह एक सक्रिय आपराधिक गिरोह का संचालन करता था. एसटीएफ की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गड़खा क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में शिकारी राय ने स्वीकार किया कि उसने एक हथियार छिपा रखा है. इस जानकारी के बाद पुलिस टीम उसे हथियार बरामदगी के लिए मुफस्सिल थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव स्थित एक बगीचे में लेकर पहुंची. पुलिस को अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है.
हथियार निकालते ही पुलिस पर किया हमला
विशुनपुर के बगीचे में जब पुलिस ने शिकारी राय से छिपाया गया हथियार निकालने को कहा, तो उसने अचानक झाड़ी के भीतर से एक पिस्तौल निकाल ली. बिना किसी चेतावनी के अपराधी ने सीधे पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई इस गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
हालांकि, पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान हुई फायरिंग में एक गोली शिकारी राय के पैर में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा. घायल होने के बाद पुलिस ने उसे फौरन अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की.
अस्पताल में चल रहा इलाज
घायल अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल छपरा भेजा गया. जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है. एएसपी राम पुकार सिंह ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपराधी ने हथियार बरामदगी के बहाने पुलिसकर्मियों की जान लेने की कोशिश की, जिससे उसकी खतरनाक मंशा जाहिर होती है. हमारी टीम ने संयम और दक्षता से काम लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
कई गंभीर मामलों में वांछित था शिकारी राय
पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय सारण जिले के विभिन्न थानों में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था. उस पर दर्ज प्रमुख मामले:
- हत्या
- हत्या का प्रयास
- लूट
- रंगदारी
- आर्म्स एक्ट
वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचता रहा था और कई बड़ी वारदातों में उसकी संलिप्तता पाई गई है.
चर्चित आजाद सिंह हत्याकांड में भी नाम
पुलिस सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि कुख्यात अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय का नाम पुलिस लाइन के पास हुए चर्चित आजाद सिंह हत्याकांड में भी सामने आया है. यह घटना पिछले साल 30 दिसंबर को हुई थी, जब दिनदहाड़े पुलिस लाइन के सामने गैंगवार के तहत आजाद सिंह को दौड़ाकर गोली मार दी गई थी.
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले गिरोह में शिकारी राय की सक्रिय भूमिका थी. आजाद सिंह जान बचाने के लिए एक घर में घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी अपराधियों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया था. आजाद सिंह सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के बिसही गांव का निवासी था और कटिहार की एक जूट मिल में गार्ड के तौर पर काम करता था. पुलिस का कहना है कि वह मौके पर हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए विभिन्न जिलों में पहुंचता था और काम पूरा होते ही निकल जाता था.
इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम के एएसआई सुमन कुमार के भी घायल होने की पुष्टि हुई है. पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अपराधी से जुड़े अन्य खुलासे की उम्मीद है.



