
Bihar Poisonous Alcohol: मौत का ज़हर जब नसों में दौड़ा, तो ज़िंदगी की डोर टूट गई। सारण के मशरक में एक बार फिर जहरीले पेय पदार्थ ने कहर बरपाया है, जिसने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं।
बिहार पॉइज़नस अल्कोहल: सारण में जहरीले शराब का तांडव, 5 की मौत, कई गंभीर
सारण में Bihar Poisonous Alcohol से मौत का तांडव
सारण के मशरक में जहरीले पेय पदार्थ के सेवन से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तीन लोगों की मौत हो गई है। यह घटना इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन के सामने एक बार फिर चुनौती खड़ी कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस हादसे में पांच अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया है। स्थानीय पुलिस घटना की गहनता से जांच में जुट गई है।
मृतकों में पानापुर थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के धर्मेंद्र राय, धेनुकी गांव के सुक्कन नट, मशरक थाना क्षेत्र के तख्त गांव के संतोष महतो, पंकज कुमार सिंह और रघुवर महतो शामिल हैं। प्रशासन इन मौतों को संदिग्ध बताते हुए बीमारी और कुपोषण का मामला बता रहा है, लेकिन परिजनों का दावा है कि सभी की तबीयत शराब पीने के बाद बिगड़ी थी।मिली जानकारी के अनुसार, 11 मार्च से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ. सिरदर्द, पेट में तेज दर्द, उल्टी-दस्त और आंखों से दिखाई नहीं देने जैसी शिकायत के बाद कई लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
यह घटना राज्य में Illicit Liquor Bihar के बढ़ते जाल पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे न केवल जान-माल का नुकसान हो रहा है, बल्कि समाज में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। प्रशासन को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, मशरक थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से जहरीले पेय पदार्थ का सेवन करने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कुछ लोगों की हालत इतनी खराब हो गई कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। आनन-फानन में उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से कुछ को मृत घोषित कर दिया गया जबकि अन्य को गंभीर स्थिति में छपरा सदर अस्पताल भेजा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
एक के बाद एक मौतों से सनसनी
पिछले तीन दिनों में मशरक और पानापुर प्रखंड के अलग-अलग गांवों से मौत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। यह सिलसिला 11 मार्च को मशरक तख्त टोला निवासी संतोष महतो की मौत से शुरू हुआ। परिजनों के अनुसार, वह कई दिनों से बीमार थे और कुछ खा-पी नहीं रहे थे। उन्हें मशरक सीएचसी से छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके ठीक अगले दिन, 12 मार्च को पानापुर के दुबौली निवासी धर्मेंद्र राय की भी पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। 13 मार्च की सुबह यह सिलसिला थमा नहीं, और मशरक थाना क्षेत्र में पकड़े गए दो भाइयों में से एक, रघुवर महतो की भी इलाज के दौरान छपरा सदर अस्पताल में मृत्यु हो गई। इसी दिन मशरक पूरब टोला के पंकज सिंह की मौत की खबर ने इलाके में चल रही जहरीली शराब की आशंका को और गहरा कर दिया। प्रशासन अब पंकज के परिजनों से संपर्क कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया में जुटा है।
प्रशासन की कार्रवाई और Saran Hooch Tragedy की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने खुद पानापुर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। हालांकि प्रशासन अभी इन मौतों को संदिग्ध मानकर चल रहा है, लेकिन जहरीली शराब के एंगल से भी जांच की जा रही है।
सारण पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीमें अवैध शराब के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। 11 और 12 मार्च को पानापुर और मशरक के करीब 160 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में देसी शराब को नष्ट किया गया। जिले के सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी संदिग्ध मरीज की सूचना तुरंत मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाता है या यह भी एक अनसुलझा Saran Hooch Tragedy बनकर रह जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रभावित क्षेत्र में छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और Illicit Liquor Bihar के कारोबार में संलिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/national/
छपरा सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
जिन पांच लोगों की हालत बिगड़ी है, उन्हें छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है और वे चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं। अस्पताल प्रशासन ने भी घटना के बाद आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी है ताकि सभी मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। इस घटना से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

