

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुल 32 पदस्थापित शिक्षकों में सिर्फ 20 शिक्षक ही उपस्थित पाए गए। जबकि तीन शिक्षिका विशेषावकाश में थी और 9 शिक्षकों में रेणु कुमारी, भारती कुमारी, रूबी कुमारी, चंद्र मोहन सिंह, राजकुमार मल्लिक, राजेश यादव, दुर्गानंद मिश्र, श्वेता कुमारी और रामजतन ठाकुर बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए।
जानकर लोग बताते हैं कि केवटगामा ही बल्कि प्रखंड क्षेत्र के सभी विद्यालयों का लगभग यही हाल है। यहां शिक्षा व्यवस्था काफी लचर होते जा रही है। सरकारी शिक्षकों को सिर्फ वेतन से जरूरत होती है बच्चों का पढ़ाई से उसे कोई लेना देना नहीं होता है।
कोई पदाधिकारी अगर विद्यालय की जांच करते हैं और विद्यालय में अनियमितता पायी जाती है तो कार्रवाई के नाम पर सिर्फ स्पष्टीकरण पूछकर छोड़ दिया जाता है। जब तक एक दो शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता है।
कि सहायक शिक्षक राजेश यादव अपने योगदान 8 मार्च 2022 से अब तक विद्यालय से लगातार अनुपस्थित हैं। उनके बारे में जानकारी प्राप्त हुई कि वे उतर प्रदेश के रहने वाले हैं और विद्यालय आते ही नही है।



