

उत्तम सेन गुप्ता, बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। थाना क्षेत्र के मौजा पड़री, प्रगना हावी में वर्षों से चल रहे भूमि विवाद का पटाक्षेप शुक्रवार को न्यायालय के आदेश आते ही हो गया। यह भूमि विवाद भूस्वामी पवित्री देवी वनाम तेतर राम बगैरह के बीच चल रहा था।
इसको लेकर भूस्वामी की ओर से न्यायालय में वाद चल रहा था। उच्च न्यायालय का फैसला आते ही मुंशीफ व्यवहार न्यायालय बिरौल के आदेश पर दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी विमल कुमार कर्ण एवं न्यायालय से प्रतिनियुक्त नाजिर पंकज कुमार की उपस्थिति में पुनि सह थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा ने भू-स्वामी को उनके हिस्से के भूमि पर दखल कब्जा कराया।
जानकारी के अनुसार भू-स्वामी पवित्री देवी ने 1 कट्ठा 16 धूर जमीन मोती साह के हाथों निबंधन किया था। खाली जमीन होने के कारण तेतर राम बगैरह उस जमीन को निजी दबा करते हुए जबरन कब्जा कर झोपड़ी बना लिया।
भूस्वामी इसे खाली कराने के लिए स्थानीय स्तर पर काफी प्रयास किया लेकिन ग्रामीण राजनीति ने विवाद को समाप्त करने के बजाय मामले को दोनों के बीच उलझा दिया। इसके बाद वर्ष 2012 में यह मामला न्यायालय जा पहुंचा।
जहां वाद संख्या 01/12 दर्ज मामले का फैसला न्यायालय से आते ही स्थानीय प्रशासन ने उक्त भूमि पर तेतर राम बगैरह की ओर से किए गए अवैध कब्जा को बुलडोजर की ओर से उसे मुक्त कराते हुए उसे तार कांटा से घेराबंदी कर भू-स्वामी के हवाले कर दिया। इस दौरान थाना की ओर से भारी संख्या में महिला व पुरुष पुलिस बल का इंतजाम किया गया था।


