



Ahalya Gautam Mahotsav: जैसे सर्द रात में अलाव की गर्मी राहत देती है, वैसे ही कमतौल की धरती पर सजे सुरों और भक्ति के मंच ने लोगों के दिलों में उत्साह का संचार कर दिया। मौका था 14वें त्रिदिवसीय राजकीय अहल्या गौतम महोत्सव के शुभारंभ का, जहां पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह से भक्ति और संगीत के नाम रही। शुक्रवार को कार्यक्रम की भव्य शुरुआत बजरंग म्यूजिकल ग्रुप द्वारा की गई, जिसके बाद एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
राजकीय Ahalya Gautam Mahotsav में गूंजे भजन और गजल
कार्यक्रम के आगे बढ़ने पर मंच पर आए गायक ठाकुर रघुबीर, जिन्होंने अपने भजनों और गजलों की सरीता में श्रोताओं को जमकर गोते लगवाए। जब उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में ‘मैं तो हवा हूँ किस तरह पहरे लगाओगे’ जैसे गीत छेड़े, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों के बीच एक नए जोश और उत्साह का संचार कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, कलाकार विपिन मिश्रा के शंखवादन ने पूरे वातावरण को दिव्यता और भक्ति से सराबोर कर दिया, जिससे माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया।
देर रात तक कलाकारों ने बांधे रखा समां
जैसे-जैसे शाम ढलती गई, महोत्सव का रंग और भी गहरा होता गया। देर शाम को मंच पर कुंज बिहारी मिश्र और अमर आनंद जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके गीतों और संगीत में दर्शक इस कदर खो गए कि उन्हें समय का अहसास ही नहीं रहा। यह पूरा सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा और लोगों ने इसका भरपूर आनंद उठाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महोत्सव के पहले दिन की यह सफल प्रस्तुति आने वाले दो दिनों के लिए दर्शकों की उम्मीदों को और बढ़ा गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



