



अहल्या गौतम महोत्सव: कला और संस्कृति का संगम, मिथिला की धरती पर सुरों की महफिल ऐसी सजी कि सर्द रातें भी गर्मजोशी से भर उठीं।
अहल्या गौतम महोत्सव: समापन सत्र में सांस्कृतिक धूम
कमतौल के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल अहल्यास्थान में कला, संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 14वें राजकीय अहल्या गौतम महोत्सव का भव्य समापन हुआ। महोत्सव के मंच पर लगातार तीन दिनों तक विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। समापन सत्र के तीसरे दिन देर रात करीब साढ़े आठ बजे बॉलीवुड गायक जॉली मुखर्जी ने अपनी जादुई आवाज से सुरों की महफिल सजाई। टीम में शामिल गायिका नीलोफर शबनम ने ‘इक राधा इक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा’ जैसे लोकप्रिय भजन की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी अगली प्रस्तुति ‘दमादम मस्त कलंदर’ ने सर्द रात में भी श्रोताओं को गर्माहट का एहसास कराया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इसके बाद बॉलीवुड गायक जॉली मुखर्जी की मखमली आवाज का जादू श्रोताओं को देर रात तक गुदगुदाता रहा। उन्होंने साथी फिल्म के सुपरहिट नगमे ‘आज हम तुम वो सनम मिलके ये वादा करें’ से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की, तो दर्शक अपनी सीटों से खड़े होकर उन्हें सुनने लगे। ‘रंग भरे बादल से, दो नैनों के काजल से…’ गाने पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मनोरंजन और कॉमेडी का तड़का
उन्होंने ‘गोरिया रे..गोरिया रे मेरा दिल चुरा के ले जा…’, ‘तिनक धिन तिन…’, ‘ये शहर है अमन का…’ जैसे सदाबहार गीतों से देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। अपनी अनूठी शैली में कॉमेडी का तड़का लगाकर उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। ‘गोरिया रे गोरिया तू दिल चुरा के ले जा’, ‘चांदनी ओ मेरी चांदनी’ जैसे गीतों की मनमोहक प्रस्तुति पर श्रोता भावविभोर होकर डूबते-उतराते रहे। इस महोत्सव ने एक बार फिर मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

देशज टाइम्स फोटो : जॉली मुखर्जी और पत्रकारों को सम्मानित करते अधिकारी




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