



Ahalyasthan Mahotsav: आध्यात्मिकता और कला का अद्भुत संगम, जहां मिथिला की धरती पर संस्कृति के रंग बिखर रहे हैं। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि गौरवशाली परंपराओं का पुनरुत्थान है।
अहल्यास्थान महोत्सव: समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी नहीं कर पाएंगे उद्घाटन, रात भर सांस्कृतिक संध्या में झूमे गणमान्य
अहल्यास्थान महोत्सव: सांस्कृतिक उत्कर्ष की नई ऊंचाइयां
Ahalyasthan Mahotsav: मिथिला की पावन धरती पर स्थित अहल्यास्थान में आयोजित दो दिवसीय अहल्या गौतम महोत्सव के दूसरे सत्र का भव्य उद्घाटन समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी को करना था लेकिन कतिपय कारणों से वह आज के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस दौरान रात भर उपस्थित जनसमूह में उत्साह देखते ही बन रहा था। महोत्सव का उद्देश्य कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम को बढ़ावा देना है।जानकारी के अनुसार कतिपय कारणों से मंत्री मदन सहनी अहल्यास्थान नहीं आएंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रम अभी शुरू हुआ है,बजरंग म्यूजिकल ग्रुप की प्रस्तुति चल रही है।मौजूद वक्ताओं ने कहा , ऐसे कार्यक्रम हमारी धरोहर को सहेजने और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महोत्सव के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा गया कि ऐसे आयोजन ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं।
महोत्सव की शाम संगीतमय हो उठी जब प्रसिद्ध गायक रामबाबू झा सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे। गजल सम्राट कुमार सत्यम की मनमोहक गजल प्रस्तुति ने महोत्सव की शोभा में चार चांद लगा दिए।इस अवसर पर पर्यटन मंत्री डॉ. अरुण शंकर प्रसाद, विधायक जीवेश कुमार, पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर, विधायक ईश्वर मंडल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और देर रात तक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाते दिखे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
संस्कृति और पर्यटन का नया संगम: अहल्या गौतम महोत्सव
यह महोत्सव न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करता है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता है। यहां प्रस्तुत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम मिथिला की समृद्ध कला परंपरा को प्रदर्शित करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।आयोजकों ने बताया कि अगले वर्ष इस महोत्सव को और भी बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा। यह उम्मीद की जा रही है कि अहल्या गौतम महोत्सव आने वाले समय में बिहार के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन जाएगा, जो न केवल मनोरंजन बल्कि ज्ञानवर्धन का भी माध्यम बनेगा।



