



Ahilyasthan Development: आध्यात्म और विकास का संगम जब एक मंच पर मिलता है, तो वह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक नए युग की गाथा लिखता है। मिथिला की पावन भूमि पर ऐसा ही एक पर्व शनिवार को एक बार फिर जीवंत हो उठा।
Ahilyasthan Development: अहल्या गौतम महोत्सव में गूंजी विकास की हुंकार, अगले 5 साल में अयोध्या जैसा बनेगा अहल्यास्थान!
कमतौल में 14वां अहल्या गौतम महोत्सव: Ahilyasthan Development का संकल्प
कमतौल में आयोजित 14वें राजकीय अहल्या गौतम महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि रास सांसद धर्मशीला गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक जीवेश कुमार, एलएनएमयू के सीनेट सदस्य बैजनाथ चौधरी बैजू, एडीएम सलीम अख्तर, न्यास समिति के अध्यक्ष बालेश्वर ठाकुर, उपाध्यक्ष विमल यादव, सचिव हेमन्त झा, सदस्य उमेश ठाकुर, अंजनी निषाद, डॉ. गौतमाश्रम न्यास समिति के बमबम जी और रामप्रवेश ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर उपस्थित थे।
सांसद धर्मशीला गुप्ता ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने और मजबूत करने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किस तरह प्रधानमंत्री ने धार्मिक पर्यटन के विकास से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सीनेट सदस्य बैजू जी ने श्री राम, जनकनन्दिनी सीता और माता अहल्या की पवित्र धरती पर इस महोत्सव के आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने एनडीए सरकार से भावुक अपील करते हुए मांग की कि जिस तरह पुनौराधाम और अयोध्या में भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ है, उसी तर्ज पर अहल्यास्थान में भी एक विशाल मंदिर का निर्माण किया जाए।
विधायक जीवेश कुमार ने इस मांग का समर्थन करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों के भीतर अहल्यास्थान स्थित रामजानकी मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, इस वर्ष अक्टूबर-नवंबर तक कॉरिडोर बनाने का काम भी पूरा हो जाएगा। उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में अहल्यास्थान को पुनौराधाम और अयोध्या के समान विकसित किया जाएगा। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे दिल से काम करते हैं और क्षेत्र के विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का पाग, चादर और मिथिला पेंटिंग प्रदान कर भव्य सम्मान किया गया। दूरदर्शन की एंकर रूपम और डॉ रामसेवक ठाकुर ने उद्घोषणा का कार्य संभाला। यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजता है, बल्कि भविष्य के विकास की नींव भी रखता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान की नई दिशा
यह राजकीय महोत्सव सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि मिथिला की समृद्ध परंपरा और भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतीक है। उपस्थित जनसमुदाय ने नेताओं के इन संकल्पों का तालियों से स्वागत किया, उम्मीद है कि आने वाले समय में अहल्यास्थान वास्तव में एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा। इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आर्थिक विकास के द्वार भी खोलते हैं।



