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दरभंगा: नए शिक्षा पदाधिकारी की पहली बैठक, स्कूलों की दशा सुधारने पर मंथन; वेतन रोकने की चेतावनी भी दी गई

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अलीनगर। बुधवार को अलीनगर बीआरसी कार्यालय स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभा कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड के सभी प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी मसलेह उद्दीन ने सभी से परिचय प्राप्त किया और शिक्षा विभाग में बेहतर परिणाम लाने के लिए सबके सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य प्रखंड के विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाना है और इसमें सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशों का भी हवाला दिया, जिसमें विद्यालयों की दशा सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में उन प्रभारी प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी, जिन्होंने नए नियुक्त प्रधानाध्यापकों को प्रभार नहीं सौंपा है। बीईओ ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी प्रभारी प्रधानाध्यापक हर हाल में कल तक प्रभार सौंप दें, अन्यथा उनके वेतन पर रोक लगा दी जाएगी।

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स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर ज़ोर और फाइलेरिया पर चर्चा

बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। कम्युनिकेबल डिसीज के कार्यक्रम अधिकारी रघुवीर ने विद्यालयों में बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली दवाइयों और विभिन्न रोगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से एल्बेंडाजोल के उपयोग और इसकी सही मात्रा पर प्रकाश डाला। इसके बाद फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि फाइलेरिया का कोई पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन इसे दवाइयों के माध्यम से नियंत्रित रखा जा सकता है। सरकार अब इस रोग को दिव्यांगता की श्रेणी में मान रही है, जिसके लिए जिले में मासिक कैंप लगाकर जांच और दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। इस मुद्दे पर, मध्य विद्यालय वाटगंज के शिक्षक ब्रज किशोर यादव ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया फैलाने वाले क्यूलेक्स मादा मच्छर के उन्मूलन के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग को मच्छर नाशक छिड़काव की व्यवस्था करनी चाहिए।

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शिक्षकों ने उठाई अहम समस्याएँ

प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी के संबोधन के बाद शिक्षकों ने भी अपनी कई समस्याओं को सामने रखा। शिक्षकों ने बताया कि कुछ बच्चे मदरसों और विद्यालयों दोनों में पढ़ते हैं, जिससे उनके आने-जाने का समय अलग-अलग होता है। इस कारण कई अभिभावक गलत व्यवहार करते हैं। इसी तरह, प्राइवेट कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चे भी नियमित और निर्धारित समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते हैं। शिक्षकों ने मांग की कि कोचिंग और मदरसा संचालकों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए जाएं, ताकि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति नियमित और समय पर सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, ई-शिक्षाकोष और यू-डाइस से संबंधित समस्याओं को भी शिक्षकों द्वारा उठाया गया। लेखापाल बलराम कुमार और डाटा ऑपरेटर मो. साजिद ने इन समस्याओं के समाधान और सही संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए।

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हाउसहोल्ड सर्वे और छात्रों की उपस्थिति

बैठक में डीडीओ रिजवान आलम ने वर्ष 2022 में हुए हाउसहोल्ड सर्वे का उल्लेख करते हुए इस बार भी होने वाले सर्वे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि नामांकित बच्चे जो विद्यालयों में नियमित नहीं आते हैं, उन्हें वापस लाने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ग्राम शिक्षा समिति (VSS) की मदद ली जानी चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में एचएम देव आशीष, मनोज कुमार यादव, शमशाद आलम, मो. जसीम, प्रवीण कुमार, विजय प्रकाश पंडित, बेबी वंदना, अनिल कुमार झा, रविन्द्र कुमार, आलोक कुमार, मो. मंसूर आलम, रामवृक्ष मंडल और राधा कुमारी सहित प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापक मौजूद थे।

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