
Census 2027: बिहार के अलीनगर में अगली बड़ी जनगणना की तैयारियां जोरों पर हैं। आने वाले कल का भारत कैसा होगा, यह तय करने वाली इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के पहले चरण का काम 2 मई 2026 से शुरू होने जा रहा है। इसी कड़ी में, अलीनगर प्रखंड कार्यालय में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का गहन प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
Census 2027: प्रशिक्षण की पूरी योजना
अलीनगर में Census 2027 के पहले चरण की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। आगामी 2 मई 2026 से शुरू होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए 300 प्रगणकों और 54 पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है। इन सभी का तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण गुरुवार से अलीनगर प्रखंड कार्यालय परिसर के विभिन्न सभा भवनों में आरंभ हो गया है। यह जनगणना प्रशिक्षण कुल तीन बैचों में 16 अप्रैल से 24 अप्रैल तक दिया जाएगा। प्रत्येक बैच को प्रशिक्षकों द्वारा बारीकी से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि जनगणना कार्य करने में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। प्रशिक्षण सत्र सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक प्रतिदिन आयोजित हो रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जनगणना कार्य का विभाजन और चरण
प्रखंड क्षेत्र के 11 पंचायतों के 176 वार्डों को कुल 273 जनगणना ब्लॉक में बांटा गया है। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक प्रगणक को तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 10% प्रगणकों को प्रशिक्षण देकर सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कार्य में लगाया जा सके। जनगणना के प्रथम चरण में मकान गणना का कार्य 2 मई से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। जबकि, लोगों की व्यक्तिगत गणना 1 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक पूरी की जाएगी।
प्रशिक्षण स्थल और निगरानी
यह महत्वपूर्ण जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रखंड कार्यालय के निचले भवन के सभा कक्ष, तृतीय तल के सभा भवन और किसान भवन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख प्रशिक्षकों में विजय प्रकाश पंडित, देव शरण यादव, अजय कुमार सिंह, रामवृक्ष मंडल, अमर कुमार चौधरी और समसाद आलम शामिल हैं। चार्ज पदाधिकारी बीडीओ ललित मोहन मिश्रा सभी प्रशिक्षण स्थलों का बारी-बारी से निरीक्षण करते देखे गए, जबकि अपर चार्ज पदाधिकारी के रूप में वीसीओ अमित कुमार को नियुक्त किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में सभी कार्य मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे, जिसमें किसी भी प्रकार के पेपर वर्क का प्रयोग नहीं होगा। यह कदम Census 2027 को अधिक कुशल और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में उठाया गया है।
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