



Alinagar News: अलीनगर प्रखंड मुख्यालय का सभा भवन शुक्रवार को सवालों के बवंडर और हंगामे का गवाह बना, जहां जनप्रतिनिधियों का गुस्सा अधिकारियों की गैर-मौजूदगी और अनियमितताओं पर जमकर फूटा। प्रमुख सविता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक किसी सियासी अखाड़े से कम नहीं थी, जहां एक के बाद एक कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए गए।
Alinagar News: प्रखंड कार्यालय के सभा भवन में जैसे ही बैठक की कार्यवाही शुरू हुई, माहौल गरमा गया। पंचायत समिति के सदस्यों ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना शुरू किया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने जवाब देकर सदस्यों को संतुष्ट करने की कोशिश की, लेकिन कई प्रमुख विभागों के अधिकारी बैठक से नदारद थे। उनकी जगह उनके प्रतिनिधियों को सदस्यों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा।
Alinagar News: गैर-हाजिर अधिकारियों पर फूटा गुस्सा
बैठक में सबसे ज्यादा हंगामा बाल विकास परियोजना (CDPO) की कार्यशैली को लेकर हुआ। सीडीपीओ अंजू कुमारी खुद बैठक में मौजूद नहीं थीं, उनकी जगह दो महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) नीलम कुमारी और अंजू कुमारी उपस्थित थीं। सदस्यों ने विभाग में व्याप्त अनियमितताओं की झड़ी लगाते हुए उनसे जवाब मांगा। इस पर उन्होंने फोन पर बात करके दस मिनट में जवाब देने की बात कही, लेकिन बाद में उनका फोन बंद आने लगा। इस बात से सदस्यों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी ने एक स्वर में कहा कि लगभग पांच वर्षों से एक ही स्थान पर उनकी तैनाती भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रमाण है और उनका तबादला तुरंत होना चाहिए। इस मांग को प्रस्ताव में शामिल कर लिया गया।
इसी तरह, पीएचईडी विभाग के अधिकारी की जगह एक ठेकेदार अनाधिकारिक रूप से बैठक में मौजूद थे। जब वह सदस्यों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो सदस्यों ने उनकी उपस्थिति को ही अवैध बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया, जिसके बाद वह सदन से बाहर चले गए। विरोध करने वालों में पंचायत समिति सदस्य प्रेम कुमार यादव, पुरुषोत्तम सिंह, मो. नौशाद और शकील अहमद प्रमुख थे। इन लोगों ने मनरेगा से जुड़े मामलों में भी प्रश्न उठाए।
मध्याह्न भोजन और राशन कार्ड पर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना में हो रही गड़बड़ी का आरोप मुखिया मनेसुर रहमान ने लगाया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है, लेकिन पैसों की अवैध निकासी के लिए उपस्थिति अधिक बनाकर दिखाई जाती है। हालांकि, प्रभारी एमडीएम रंजीत कुमार यादव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी स्वयं नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं।
वहीं, राशन कार्ड से नाम हटाने के लिए पीडीएस डीलरों को भेजी गई सूची पर भी सवाल उठाए गए। इस पर एमओ मोनिका कुमारी ने समाधान बताते हुए कहा कि जिन लोगों का नाम गलती से सूची में है, वे अपना उचित पक्ष रखते हुए डीलरों के पास आवेदन जमा कर सकते हैं, जिसे विभाग तक पहुंचाकर समाधान किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुखिया विप्लव कुमार चौधरी ने स्ट्रीट लाइट की दरों का पोर्टल पर उपलब्ध न होने जैसा मुद्दा भी उठाया, जिस पर पंचायती राज पदाधिकारी दीपिका झा ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
तमाम हंगामे और बहस के बीच बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। सदस्यों ने जिले में पुलिस अंचल के गठन के क्रम में अलीनगर को मनिगाछी से जोड़ने की चर्चाओं का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे दूरी 20 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी, जो जनता के लिए असुविधाजनक होगा। इसके अलावा, बैठक में निम्नलिखित प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया:
- प्रखंड के 21 प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए।
- प्राथमिक विद्यालय नावानगर दक्षिणी को अविलंब उत्क्रमित मध्य विद्यालय का दर्जा दिया जाए।
इस बैठक में बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी ललित कुमार मिश्रा, सीओ कुमार शिवम, पंचायती राज पदाधिकारी दीपिका झा, पीओ गोपाल कृष्ण, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी स्मृति भारद्वाज, जीविका के बीपीएम राजेश कुमार, उप प्रमुख अंजुम आरा, मुखिया विप्लव चौधरी, सतीश चंद्र झा भोला समेत कई पंचायत समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


