

जाले, देशज टाइम्स ब्यूरो। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार सहित मानव विकास सूचकांक में राज्य की स्थिति बदतर बनी हुई है। बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा व स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा आदि सभी मानदंडों पर नीतीश कुमार जी के शासन में बिहार रसातल में चला गया है।
यह बात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ब्रह्मपुर पूर्वी शाखा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला पेंशनर एसोसिएशन के जिला सचिव नरेंद्र मंडल ने कही।
राम चंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित सभा में उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 लाख से ऊपर कार्ड धारियों का नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है। इसमें बड़ी तादाद में गरीब भूमिहीन हैं अपराध बढ़ रहा है, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से आम लोग प्रभावित हो रहे हैं। लोकतंत्र और जनवाद पर हमले हो रहे हैं। संविधान खतरे में है। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हो रही हैंl
केंद्र और राज्य सरकार जनविरोधी है। यह सरकार कारपोरेट के पक्ष में और किसान मजदूरों के विरोध में काम कर रही है। सार्वजनिक संपत्तियों को ओने पौने दामों पर बेचा जा रहा है। बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने की घोषणा पर अमल नहीं हुआ किसानों से किए गए समझौते से सरकार भाग रही है।
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बिहार में बुलडोजर राज्य से गरीबों एवं भूमिहीनो को बेदखल करने की कोशिश हो रही है, सरकार ने डी बंदोपाध्याय की रिपोर्ट पर अमल नहीं किया अगर सरकार इस रिपोर्ट पर अमल करते तो भूमिहीन गरीबों को एक एकड़ जमीन जोत के लिए एवं 10 डिसमिल जमीन बांस के लिए दिया जा सकता था।
भाजपा-जदयू सरकार के ‘सुशासन’, ‘न्याय सबके इस सरकार के डेढ़ दशक के शासन काल में बिहार, भारत के गरीब राज्यों में सबसे निचले पायदान पर खड़ा है। सभा को संबोधित करने वालो में सीपीएम नेता जय माझी ,अहमद अंसारी, लक्ष्मण मंडल, लक्ष्मी पंडित, गीता देवी, उपेंद्र राय एवं तिलिया देवी ने संबोधित किया।
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