



Narak Nivaran Chaturdashi: कुशेश्वरस्थान पूर्वी दरभंगा देशज टाइम्स। जैसे आस्था का समंदर सड़कों पर उतर आया हो, कुछ ऐसा ही नज़ारा बाबा कुशेश्वरनाथ की पावन नगरी में देखने को मिला। नरक निवारण चतुर्दशी के पवित्र मौके पर शनिवार को शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसने पूरी शिवनगरी को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। व्रती नर-नारियों ने इस विशेष दिन पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और यह सिलसिला अहले सुबह से लेकर देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
Narak Nivaran Chaturdashi पर शिवगंगा में स्नान के बाद जलाभिषेक की होड़
शनिवार की सुबह से ही कुशेश्वरस्थान का प्रसिद्ध शिवगंगा पोखर भक्तों से पट गया था। दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, खगड़िया और बेगूसराय समेत कई दूर-दराज के जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। कोई कांवड़ लेकर आया था, तो कोई दंड प्रणाम करते हुए। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा, सभी के कदम बाबा कुशेश्वरनाथ के जलाभिषेक के लिए तेजी से मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। शिवगंगा में पवित्र स्नान के बाद भक्त मंदिर परिसर में स्थित चन्द्रकूप से जल भरने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा था।

बाजार में जाम और प्रसाद की खरीदारी से चरमराई व्यवस्था
मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर भक्तों का हुजूम इस कदर था कि सड़कें मेले में तब्दील हो गई थीं। पुरानी दुर्गा मंदिर से ही ठेले पर बेर, सकरकंद और अन्य प्रसाद बिक रहे थे। पूजा के बाद प्रसाद खरीदने के लिए दुकानों पर भारी भीड़ जुट गई। इस व्रत में बेर का विशेष महत्व होने के कारण इसकी मांग सबसे अधिक थी। आलम यह था कि 80 से 90 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा बेर देखते ही देखते बाजार से खत्म हो गया। इस अभूतपूर्व शिवभक्तों की भीड़ के कारण दोपहर करीब एक बजे स्थिति और बिगड़ गई जब बाजार में चार पहिया और बड़े वाहन घुस आए।
पुरानी दुर्गा मंदिर से शिवमंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचने में लोगों को घंटों लग गए। कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि अगर बांस-बल्ले से बैरिकेडिंग की जाती तो बड़े वाहनों का प्रवेश रोका जा सकता था और लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती। बाद में, स्थानीय युवाओं, कुछ दुकानदारों और थाना पुलिस के सहयोग से वाहनों को भीड़ से बाहर निकाला गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद श्रद्धालु खुशी-खुशी प्रसाद लेकर अपने घरों की ओर लौटे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।





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