
Darbhanga News: दरभंगा के बेनीपुर में मौसम की बेरुखी और सरकारी तंत्र की अनदेखी ने अन्नदाताओं को दोहरी मार दी है। एक पखवाड़ा पहले बीज वितरण का लक्ष्य तय होने के बावजूद किसान खाली हाथ हैं, जबकि चिलचिलाती धूप उनकी उम्मीदों को भी सुखा रही है। आखिर कब मिलेगा किसानों को उनका हक?
पिछले दो दिनों से बेनीपुर क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और पछुआ हवा ने खेतों की नमी पूरी तरह खत्म कर दी है। ऐसे में किसान मक्का और मूंग की बुवाई के लिए सरकारी बीज का इंतजार कर रहे हैं। बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित हुए एक पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन आज तक किसानों को बीज उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जिससे किसानों की समस्या और बढ़ गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
लक्ष्य तय, बीज गायब: आखिर कहां अटका मामला?
प्रखंड कृषि पदाधिकारी सूरज राम ने बीते सप्ताह ही बताया था कि इस वर्ष सरकार मूंग और मक्के के साथ-साथ बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न के उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए जिला स्तर से लक्ष्य प्राप्त होने के बाद प्रखंड को भी लक्ष्य आवंटित कर दिया गया था। योजना के तहत किसानों को अनुदानित दरों पर मूंग, बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न और मक्का के बीज उपलब्ध कराए जाने थे। किसानों ने उम्मीद जताई थी कि उन्हें समय पर बीज मिल जाएंगे, लेकिन प्रचंड धूप ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। बेनीपुर कृषि के लिए यह एक गंभीर चुनौती बन गई है।
किस फसल के लिए कितना बीज निर्धारित?
सरकार द्वारा बेनीपुर प्रखंड के लिए विभिन्न फसलों के बीज का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- मूंग बीज: कुल 34 क्विंटल 38 किलोग्राम। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 26 क्विंटल 87 किलो, अनुसूचित जाति के लिए 7 क्विंटल 41 किलो और जनजाति के लिए 60 किलो शामिल है।
- बेबी कॉर्न बीज: कुल 21 क्विंटल। सामान्य वर्ग के लिए 16 क्विंटल और अनुसूचित जाति के लिए 5 क्विंटल वितरित किया जाना है।
- स्वीट कॉर्न बीज: कुल 8 क्विंटल। इसमें सामान्य वर्ग को 7 क्विंटल और अनुसूचित जाति को 1 क्विंटल दिया जाएगा।
- मक्का बीज: कुल 4 क्विंटल 40 किलोग्राम। इसमें सामान्य जाति के लिए 3 क्विंटल 30 किलो और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 102 किलो बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि पदाधिकारी भी बेखबर, किसान परेशान
जैसे ही बीज वितरण के लक्ष्यों की घोषणा हुई, बेनीपुर के किसानों ने प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बीज कब उपलब्ध होंगे, इसकी जानकारी न तो किसान सलाहकारों के पास है और न ही कृषि पदाधिकारी स्पष्ट रूप से कुछ बता पा रहे हैं। इस अनिश्चितता के कारण किसानों की समस्या और गहराती जा रही है, और बुवाई का महत्वपूर्ण समय निकलता जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। सरकार को जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाने चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







