
National Lok Adalat: अदालती तारीखों और मुकदमों के मकड़जाल में उलझे लोगों के लिए न्याय का दरवाजा और चौड़ा हो गया है। बेनीपुर में अब सुलह की बयार बहेगी और सालों से लंबित पड़े मामलों का निपटारा चुटकियों में होगा, जिसकी तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है।
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर बेनीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में, अनुमंडल विधिक सेवा समिति की ओर से प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष जागरूकता रथ को परिसर से रवाना किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत के फायदों से अवगत कराना है ताकि वे इसका भरपूर लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम सह अनुमंडल विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह ने रथ को हरी झंडी दिखाते हुए जनता से अपील की। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति और सुलह समझौता के माध्यम से मामलों का निपटारा करवाना पक्षकारों के लिए हर तरह से फायदेमंद है। इससे न केवल उनके समय और धन की बचत होती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द का माहौल भी मजबूत होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
न्यायाधीश माधवेन्द्र सिंह ने जोर देकर कहा कि ‘समझौता ही समझदारी है’ और लोगों को इस अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में सुलह योग्य आपराधिक मामले, दीवानी मामले, पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, बिजली बिल और अन्य कई तरह के मामलों का आसानी से निपटारा किया जा सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘समझौता ही समझदारी’, न्यायाधीशों ने की अपील
जागरूकता रथ को रवाना करने के मौके पर मौजूद अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी इस अभियान की सफलता की कामना की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय ऋषि गुप्ता, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह समिति के सचिव अनुराग तिवारी, और सिविल जज रोहित कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से आम जनता से आग्रह किया कि वे बिना किसी संकोच के अपने लंबित मामलों को लेकर लोक अदालत में आएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती, जिससे यह विवादों के निपटारे का एक त्वरित और प्रभावी माध्यम बन जाता है। यह न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाने और न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल का लाभ उठाकर लोग अपने वर्षों पुराने विवादों को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

