

Benipur News: Farmer ID: सरकारी फाइलों में दौड़ती योजनाएं जब जमीन पर उतरती हैं, तो अक्सर हकीकत की पथरीली राहों पर लड़खड़ा जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा बेनीपुर में देखने को मिला, जहां किसानों के लिए संजीवनी बूटी जैसी Farmer ID बनाने की प्रक्रिया ही उनके लिए सिरदर्द बन गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को स्वयं मोर्चा संभालने के लिए जमीन पर उतरना पड़ा।
मामला बेनीपुर अनुमंडल के पोहद्दी पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या आठ का है। मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनीष कुमार झा ने गांव में पहुंचकर राजस्व कर्मचारी एवं पंचायत सचिव द्वारा चलाए जा रहे फार्मर आईडी निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने वहां मौजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। निरीक्षण के दौरान एसडीएम झा ने राजस्व कर्मचारी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित हो रहे किसानों की विस्तृत सूची भी प्राप्त की और स्थानीय लोगों से सीधी पूछताछ की।
क्या है Farmer ID बनवाने में आ रही मुख्य समस्या?
जब अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की, तो समस्या की असल जड़ सामने आई। महताब आलम, विजय कुमार झा, वकील मुखिया और अमरनाथ झा समेत कई किसानों ने एक सुर में बताया कि उनकी ऑनलाइन जमाबंदी में खाता और खेसरा संख्या की जगह ‘0 0’ दिखाई दे रहा है। इस तकनीकी खामी के कारण उनका फार्मर आईडी नहीं बन पा रहा है, जिससे वे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से वंचित हो रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसानों ने बताया कि यह एक बड़ी समस्या है जिसका समाधान अंचल स्तर पर नहीं हो पा रहा है।
इसी बीच, सामाजिक कार्यकर्ता और पंचायत समिति सदस्य प्रेम कुमार झा ने इस मुद्दे को और विस्तार दिया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भू-अभिलेखों में भारी विसंगतियों के कारण अधिकांश किसानों पर किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारी को विशेष निर्देश देकर पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएं, ताकि किसानों की जमाबंदी और अन्य दस्तावेजों का अध्ययन कर उनमें सुधार किया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अधिकारियों ने दिया त्वरित समाधान का आश्वासन
किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। यह ज्ञात हो कि फार्मर आईडी निर्माण की धीमी गति को देखते हुए अब जिला पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी स्वयं इसकी सीधी निगरानी कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वे लगातार लोगों को आईडी बनवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और साथ ही अंचल कर्मियों को भी निर्देश दे रहे हैं कि वे इस प्रक्रिया में किसानों का हरसंभव सहयोग करें ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

