

Spiritual leader demise: जीवन की नश्वरता का प्रमाण देते हुए, मिथिला मंडल के पूजनीय महामंडलेश्वर ने देह त्याग दी। हजारों आंखें नम थीं और हर दिल में अपने आराध्य को खोने का दर्द साफ झलक रहा था। मिथिला मंडल के महामंडलेश्वर एवं धेरुख राम जानकी मंदिर के महंत श्री श्री 108 बाबा अवध किशोर दास गुरुवार को हजारों अश्रुपूरित नेत्रों के समक्ष पंचतत्व में विलीन हो गए। गत मंगलवार देर रात उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली थी, जिसके बाद से ही उनके अनुयायियों और शिष्यों का मंदिर परिसर में जमावड़ा लगने लगा था। बुधवार सुबह से ही बाबा के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने वाले भक्तों का तांता गुरुवार दोपहर अंतिम संस्कार तक लगा रहा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Spiritual leader demise: महामंडलेश्वर के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
धेरुख, पोहद्दी, बलहा, बेनीपुर सहित आसपास के अन्य गांवों से हजारों की संख्या में लोग इस दुखद घड़ी में शामिल हुए। मिथिला मंडल के विभिन्न मठों से आए संत-महंतों ने भी मंदिर परिसर में आयोजित अंतिम संस्कार में भाग लिया। इस दौरान पूरा धेरुख गांव ‘बाबा की जय जयकार’ के उद्घोष से गूंज उठा, फिर भी हर आंख नम थी और अपने प्रिय बाबा की एक अंतिम झलक पाने को बेताब थी।
मुखग्नि की रस्म बाबा के बाल शिष्य राम कृष्ण दास ने निभाई। इस अवसर पर मौजूद सभी भक्तगणों की आंखों से अश्रुधारा बह रही थी, जो बाबा के प्रति उनके गहरे प्रेम और श्रद्धा को दर्शा रही थी।
अंतिम संस्कार में राजनीतिक एवं धार्मिक हस्तियों की उपस्थिति
महामंडलेश्वर बाबा अवध किशोर दास के अंतिम संस्कार में शामिल होने वालों में विष्णु देवाचार्य, अंटौर के महंत श्याम सुंदर दास, मकरंदा के राम शंकर दास, शिवराम के श्रीकांत दास और लगमा ब्रह्मचारी स्थान के बौआ भगवान जैसे कई प्रमुख संत-महंत उपस्थित थे। इसके साथ ही, स्थानीय विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष विनय कुमार पासवान, पिंटू झा और विजय ठाकुर जैसे राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। हजारों शिष्यों और अनुयायियों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि बाबा अवध किशोर दास का प्रभाव कितना व्यापक था, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
राम कुमार झा सहित हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से अपने गुरु और मार्गदर्शक को अंतिम विदाई दी। बाबा का निधन मिथिलांचल के धार्मिक और आध्यात्मिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




