भागलपुर न्यूज़: क्या बिहार के न्यायिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने वाला है? भागलपुर में आज एक ऐसी मांग फिर ज़ोर पकड़ गई है, जो न सिर्फ न्याय प्रक्रिया को गति दे सकती है बल्कि लाखों लोगों का पटना तक का सफर भी आसान बना सकती है। आखिर क्या है यह मांग और क्यों सड़कों पर उतरे हैं शहर के अधिवक्ता?
भागलपुर में हाई कोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की पुरानी मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इसी सिलसिले में शहर के अधिवक्ताओं ने बुधवार को समाहरणालय के गेट नंबर 3 पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया। उनकी इस मांग का मुख्य आधार यह है कि भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना से लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए राजधानी पटना की लंबी और थकाऊ यात्रा से निजात मिल जाएगी। यह धरना स्थानीय लोगों और न्यायिक समुदाय दोनों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को दर्शाता है।
क्यों उठ रही है यह मांग?
धरना स्थल पर मौजूद जिला विविध संघ के महासचिव अंजनी कुमार ने बताया कि भागलपुर में हाई कोर्ट खंडपीठ की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई सालों से लगातार उठाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खंडपीठ की स्थापना केवल अधिवक्ताओं की ही नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र के आम नागरिकों की एक बड़ी आवश्यकता है। इससे न केवल न्याय पाने की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि मुकदमों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।
न्याय तक आसान पहुंच का रास्ता
अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर भागलपुर में हाई कोर्ट की खंडपीठ बन जाती है, तो आसपास के जिलों के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें अपने मामलों के लिए दूर जाने की बजाय स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई की सुविधा मिल सकेगी। अधिवक्ताओं ने राज्य सरकार और न्यायिक प्राधिकारियों से जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के निवासियों को शीघ्र और सुगम न्याय मिल सके। यह कदम न्यायिक प्रणाली को और अधिक समावेशी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।








