
संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख। आईजी ललन मोहन प्रसाद पर इतने गंभीर आरोप लगाये जा रहें हैं जिसे सुनने के बाद दिमाग काम नहीं करता। अब यह आरोप कितना सही है और कितना गलत है यह जांच के बाद ही सामने आ सकता है। यह आरोप हम नहीं लगा रहे हैं।
यह आरोप समस्तीपुर जिले के पूर्व सांसद के प्रतिनिधि रवींद्रनाथ सिंह लगा रहे हैं। रवींद्र का कहना है कि तीनों जिले के थानेदारों से इन्हें मोटी रकम प्राप्त होती है। और, इनकी वसूली सुपर आईजी (सिपाही राहुल) किया करते थे। रवींद्र का कहना कि इसका पुख्ता सबूत तो नगर थानाध्यक्ष सत्येन्द्र चौधरी के वायरल ऑडियो से पता चलता है जो आईजी के नाम पर तीस हजार रुपया मांग रहा है।
रवींद्र ने कहा कि वह दोषी था। उसकी आवाज पहचान में आई। इसके बाद ही एसएसपी ने उसे लाइन हाजिर किया। एसएसपी ने उस मामले की जांच सदर डीएसपी को दी। मगर, आईजी ने अब तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की। इससे बड़ा सबूत लेन देन का क्या हो सकता है।
रवींद्र का आरोप है कि बहादुरपुर थाना इंस्पेक्टर का पद है। फिर प्रभारी दारोगा रवींद्र प्रसाद कैसे थानाध्यक्ष के पद पर आसीन होकर थाना चला रहें। आईजी ने डीजीपी के आदेश को दरकिनार कर नियमों की धज्जियां उड़ा कर तीन लाख रुपये मासिक वसूल रहें है।
वहीं डीजीपी ने रवींद्र प्रसाद को गया बदली कर दिया था। पूर्व सांसद प्रतिनिधि इसी तरह मधुबनी जिला के नगर थानाध्यक्ष पद पर पदस्थापित प्रभारी थानाध्यक्ष को जमे रहने की बात कही है और एक लाख रुपये मासिक आई जी को देने का आरोप लगाया है।

और, यह भी कहा है कि यह साठ गांठ जयनगर थाना अध्यक्ष अमित कुमार ने कराया था। यही नहीं उन्होंने कहा है कि जयनगर थानाध्यक्ष अमित कुमार दागी पुलिस पदाधिकारी है। मधुबनी कांड संख्या 101/21में इनपर विभागीय कार्रवाई 19/22 हुई है। ऐसे में उन्हें कैसे जयनगर थानाध्यक्ष बनाया गया।
उन्होंने कहा किऔर भी मामले है जिसकी जांच हो तो अमित कुमार पर बड़ी कारवाई हो सकती है। इस मामले में रवींद्र का कहना है कि पांच लाख रुपये आईजी को देकर अमित वहां का थानेदार बना और मासिक वसूली अलग से होती है। यही नहीं रवींद्र ने सकरी थाना में कई कांडों का जिक्र करते हुये अमित कुमार के संलिप्तता का आरोप लगाया है।
कई थानों की जिक्र करते हुये सांसद प्रतिनिधि रवींद्र ने मुख्यमंत्री को आवेदन देकर कहा है कि पुलिस के बड़े ओहदे पर बैठे लोग अगर न्याय के साथ खिलवाड़ करने लगे तो आम जनता का भगवान मालिक है। मुख्यमंत्री के सचिव ने इस मामले में डीजीपी को पत्र लिखकर बिंदुबार जांच कर प्रतिवेदन सौंपने को कहा है लेकिन डीजीपी ने अभी तक इस मामले की जांच के लिये कोई भी विभाग को प्रतिवेदन अग्रसारित नहीं किया है।
हालांकि आई जी के निर्देश पर ही विशनपुर के थानाध्यक्ष रंजीत को भागलपुर, बहादुरपुर के रविंद्र प्रसाद को और घनश्यामपुर के परमानद कर्ण को गया जबकि केवटी के थानाध्यक्ष रानीकुमारी को भोजपुर स्वास्थ्य के मद्देनजर उनकी मांग और अनुरोध पर स्थानांतरण कर दिया गया है।






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