
Gorakhpur Road Accident: जिस बस का स्टीयरिंग व्हील थामकर मोहम्मद इस्लाम अपने परिवार का पेट पालते थे, किसे पता था कि वही एक दिन उनकी मौत का सबब बन जाएगा। उत्तर प्रदेश में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने बिहार के एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी है। बिरौल थाना क्षेत्र के अकबरपुर बेक गांव निवासी 40 वर्षीय मोहम्मद इस्लाम की इस दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद इस्लाम पिछले 15 वर्षों से बस चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वे मधुबनी जिले के भेजा से दिल्ली तक चलने वाली ‘आनंद यात्रा’ नामक बस चलाते थे। गुरुवार को वे बस लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। देर रात करीब 1 बजे गोरखपुर हाईवे पर उनकी बस और सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य में जुट गए।

इस हादसे में बस चालक मोहम्मद इस्लाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बस में सवार कई अन्य यात्रियों के भी घायल होने की खबर है, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आखिरी कॉल और अधूरी बात, Gorakhpur Road Accident ने तोड़ा परिवार
मृतक इस्लाम की शादी करीब चार वर्ष पूर्व ही हुई थी। उनके परिवार में पत्नी शब्बू खातून के अलावा एक तीन साल की बेटी आतिफा खातून और डेढ़ साल का बेटा मो. अहान है। परिवार वालों ने बताया कि इस्लाम करीब 12 दिन पहले ही घर आए थे और फिर अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। दुर्घटना से महज कुछ घंटे पहले, रात करीब 10 बजे, उन्होंने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी।
पत्नी शब्बू खातून ने रोते हुए कहा, “रात 10 बजे उनकी पति से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि जब बस सोने के लिए रोकेंगे तो फिर फोन करेंगे, लेकिन उसके बाद यह खबर आ गई। अब मेरा सहारा कौन बनेगा, मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।” उनकी पत्नी ने सरकार से मुआवजे की मांग की है ताकि बच्चों का पालन-पोषण हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
“नेक दिल इंसान था, खुद का पक्का मकान भी नहीं था”
मृतक की मां मरियम खातून ने बताया कि उन्हें रात करीब तीन बजे फोन पर बेटे की मौत की खबर मिली। उन्होंने बताया कि इस्लाम तीन भाइयों में सबसे छोटा था और, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, पूरे परिवार का ख्याल रखता था। मृतक के चाचा मो. अनीश ने बताया कि इस्लाम एक बेहद नेक दिल इंसान था।
उन्होंने कहा, “अगर कोई गरीब या बीमार होता था तो वह अपने पैसे से उसकी मदद करता था। खुद की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, पक्का घर भी नहीं है, फिर भी हमेशा दूसरों के लिए खड़ा रहता था। उसकी मौत पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है।”
गांव में मातम, सरकार से मुआवजे की गुहार
इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही अकबरपुर बेक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के घर पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और ग्रामीण सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उसके मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। मृतक के परिजन शव लाने के लिए गोरखपुर रवाना हो गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






You must be logged in to post a comment.