

Jale Liquor Smuggling: जब रात का अंधेरा घना होता है, तो काले कारनामों को अंजाम देना आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही हो रहा है बिहार के जाले क्षेत्र में, जहां शराब तस्करों ने अंधेरे को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है।
Liquor Smuggling: जब रात का अंधेरा घना होता है, तो काले कारनामों को अंजाम देना आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही हो रहा है बिहार के जाले क्षेत्र में, जहां शराब तस्करों ने अंधेरे को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। ये तस्कर इतने शातिर हो गए हैं कि शराब की खेप उतारने के लिए पूरे इलाके की बिजली ही काट देते हैं, ताकि अंधेरे में उन्हें कोई देख न सके और वे आसानी से अपनी खेप को ठिकाने लगा सकें। यह मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है।
यह अनोखा तरीका हाल ही में तब सामने आया जब जाले क्षेत्र में बार-बार बिजली कटने की घटनाएं होने लगीं। जब बिजली विभाग के कर्मचारी फॉल्ट ढूंढ़ने निकले, तो उनके होश उड़ गए। पता चला कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि शराब तस्करों की सोची-समझी साजिश है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वे जानबूझकर बिजली के तारों में ऐसी छेड़छाड़ करते हैं, जिससे पूरे इलाके में अंधेरा छा जाए और वे अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएं।
Liquor Smuggling का यह नायाब तरीका कर देगा हैरान
बिजली विभाग के कनीय अभियंता कुमार गौरव ने इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को लतराहा और जाले के बीच एक सुनसान इलाके से गुजर रही 11 हजार केवीए की ट्रांसमिशन लाइन में बांस का टोटा फंसा दिया गया था। इसके कारण लाइन के तीनों फेज बाधित हो गए और एक बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई, जिससे चारों ओर अंधेरा छा गया।
इसके ठीक बाद, बुधवार की सुबह लगभग चार बजे भताही के पास गोनो श्मशान घाट के निकट फिर से बिजली के तार में स्पार्क कराकर लाइन को बंद कर दिया गया। ये घटनाएं संयोग नहीं थीं। जब विभाग के लोग घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे तो वहां भारी चार पहिया वाहन के टायरों के निशान और शराब की टूटी-फूटी खाली बोतलें बिखरी मिलीं। इससे यह साफ हो गया कि अंधेरे का फायदा उठाकर शराब की तस्करी की जा रही थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विभाग को हो रहा लाखों का नुकसान
कनीय अभियंता ने यह भी बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले साल होली के त्योहार से ठीक पहले भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया गया था। तस्करों की इस करतूत से न केवल आम लोगों को परेशानी होती है, बल्कि बिजली विभाग को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बार-बार इस तरह से बिजली बाधित होने से विभागीय कर्मचारियों को फॉल्ट ढूंढ़ने में घंटों लग जाते हैं और इस दौरान लाखों रुपये की बिजली बर्बाद हो जाती है। यह एक गंभीर समस्या है, जिससे निपटने के लिए विभाग अब कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस ने आरोपों से किया इनकार
वहीं दूसरी ओर, जब इस मामले में स्थानीय पुलिस से बात की गई, तो उन्होंने बिजली काटकर शराब की खेप उतारे जाने की बात से फिलहाल इनकार किया है। जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पॉल ने कहा कि शराब तस्करी के खिलाफ इलाके में सघन अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, उन्होंने बिजली विभाग के दावों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शातिर तस्करों पर कब तक नकेल कस पाता है।



