



Bird Flu: जैसे ही सर्दियां दस्तक देती हैं, एक अनचाहा मेहमान भी अपने पंख फैलाने लगता है, जिसका नाम है बर्ड फ्लू। इस साल भी यह खतरा मंडरा रहा है, और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर के दायरे में सघन जांच और स्प्रे अभियान चलाया गया। इस दौरान सभी मुर्गी फार्मों और अन्य पक्षियों पर विशेष नजर रखी गई ताकि संक्रमण के किसी भी संभावित फैलाव को रोका जा सके।
प्रशासन ने सभी मुर्गी फार्म मालिकों और बिक्री केंद्रों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, सभी केंद्रों पर साफ-सफाई का उच्चतम स्तर बनाए रखना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी पक्षी की मौत होने की स्थिति में, इसकी सूचना बिना किसी देरी के तुरंत स्थानीय पशुपालन विभाग को देनी होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और संक्रमण को बड़े पैमाने पर फैलने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके।
Bird Flu को लेकर प्रशासन की नई गाइडलाइन
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मृत पक्षियों के निपटान के लिए भी एक विशेष गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसके अनुसार, किसी भी मृत पक्षी या मुर्गे का सैंपल लेने के बाद उसे वैज्ञानिक तरीके से गहरे गड्ढे में दफनाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि वायरस का संक्रमण मिट्टी या पानी के माध्यम से न फैले। प्रशासन इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।
क्या मुर्गे की बिक्री पर लगेगी रोक?
एक अच्छी खबर यह है कि फिलहाल प्रशासन ने मुर्गे की बिक्री पर पूरी तरह से कोई रोक नहीं लगाई है। हालांकि, इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त लागू की गई है। यदि किसी भी बिक्री केंद्र पर किसी मुर्गे की अप्राकृतिक रूप से मौत होती है, तो केंद्र संचालक को तत्काल इसकी सूचना विभाग को देनी होगी और बाकी बचे सभी मुर्गों की बिक्री पर तुरंत रोक लगानी होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इसके बाद पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगी, मृत पक्षी का सैंपल एकत्र करेगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर कोई निर्णय लिया जाएगा।






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