

Bihar News: सदन में जब अपने ही अपनों पर सवाल दागते हैं तो लोकतंत्र का असल रंग निखरकर सामने आता है। कुछ ऐसा ही नजारा बिहार विधानसभा के बजट सत्र में देखने को मिला, जब बेनीपुर विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने जनहित के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा और इसका सार्थक परिणाम भी हासिल किया। विधायक ने शुक्रवार को सदन का ध्यान एक बेहद गंभीर मामले की ओर आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) द्वारा पोस्टमार्टम की बिसरा रिपोर्ट के लिए बाहरी लैब पर निर्भरता के कारण सर्पदंश पीड़ितों के परिवारों को सरकारी अनुदान राशि मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है। यह एक ऐसी समस्या है जिससे कई परिवार लंबे समय से जूझ रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar News: सदन में गूंजा सर्पदंश पीड़ितों का दर्द
विधायक विनय चौधरी ने बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र के बिरौल प्रखंड अंतर्गत देकुली धाम गांव की एक घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चतुरानंद गिरी की पुत्री संध्या कुमारी की मृत्यु 7 सितंबर को सर्पदंश से हो गई थी। इसके बाद डीएमसीएच में पोस्टमार्टम तो हुआ, लेकिन बिसरा जांच के लिए सैंपल को मुजफ्फरपुर भेज दिया गया। इस प्रक्रिया के कारण रिपोर्ट आने में अत्यधिक विलंब हुआ, फलस्वरूप पीड़ित परिवार को आज तक सरकारी मुआवजा नहीं मिल सका है। इस मार्मिक मामले को उठाते हुए उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पोस्टमार्टम जांच की पूरी व्यवस्था दरभंगा मेडिकल कॉलेज में ही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी कठिनाई का सामना न करना पड़े। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
विकास के लिए मुखर हैं विधायक विनय चौधरी
सदन में उठाए गए इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने विधायक को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और बहुत जल्द दरभंगा में ही बिसरा जांच की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। यह केवल एक मामले का समाधान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। गौरतलब है कि विधायक विनय चौधरी अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के साथ-साथ, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी लगातार प्रयत्नशील रहते हैं। वे लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक शत-प्रतिशत पहुंचाने के लिए समय-समय पर अपनी ही सरकार से सवाल करते रहे हैं, जो एक सजग जनप्रतिनिधि की पहचान है।





