
Caste Violence: रंगों का त्योहार जब नफरत की आग में झुलस गया और होली का गुलाल खून से लाल हो गया। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरहुल्ली पंचायत स्थित लोरिका गांव में होली का जश्न उस वक्त मातम में बदल गया जब दो जातीय गुटों के बीच हुए संघर्ष ने खूनी रूप ले लिया। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, और जब पुलिस बीच-बचाव करने पहुंची तो उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया गया।
होली के दिन हुई Caste Violence, पुलिस को भी बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, घटना होली के दिन शाम के समय की है। लोरिका गांव के सहनी टोल के लोगों ने कथित तौर पर ततमा टोल पर हमला कर दिया। इस हमले में लोरिका निवासी सुनील चौपाल की पत्नी रानी देवी, पुत्री प्रियांशु कुमारी और रामप्रसाद चौपाल समेत कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बिगड़ती स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दी। खबर मिलते ही अवर निरीक्षक शंभू कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
लेकिन पुलिस के पहुंचते ही हालात और भी विस्फोटक हो गए। उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और उस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हमले में पुलिस की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और टीम को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पथराव में महिला सिपाही ज्योति कुमारी के साथ-साथ रामबाबू यादव, विष्णु देव यादव और शंभू कुमार भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सिंहवाड़ा सीएचसी में भर्ती कराया गया।

आठ उपद्रवी गिरफ्तार, 20 से अधिक की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष बसंत कुमार के नेतृत्व में सिमरी, कमतौल और जाले समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर भेजी गई। एसडीपीओ एस. के. सुमन ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर भीड़ में शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान इस प्रकार है:
- विकास सहनी
- सुखी सहनी
- दीपक कुमार
- शंकर सहनी
- कृष्ण कुमार
- अजय कुमार
- सकलदेव सहनी
- मनोहर सहनी
एसडीपीओ ने बताया कि इस पूरे जातीय संघर्ष के मामले में गिरफ्तार आठ बदमाशों के अलावा मौके से भागे 20 से अधिक अन्य उपद्रवियों की भी पहचान कर ली गई है। इन सभी के खिलाफ सिंहवाड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अवर निरीक्षक शंभू कुमार के बयान पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि इन बदमाशों ने होली के दौरान जातिगत हिंसा फैलाई और सरकारी काम में बाधा डालते हुए पुलिस टीम पर हमला किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। थानाध्यक्ष के अनुसार, गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल कैंप कर रहा है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।







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