
LPG Cylinder: चूल्हे पर चढ़ी हांडी अब इंतजार की आंच पर पक रही है, क्योंकि रसोई का राजा यानी गैस सिलेंडर रूठा हुआ है। बिरौल क्षेत्र में उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ऑनलाइन बुकिंग कराने के बावजूद सिलेंडर न मिलने से लोगों में भारी बेचैनी और आक्रोश है।
क्यों हो रही है LPG Cylinder मिलने में परेशानी?
पिछले तीन दिनों से बिरौल के गैस गोदाम पर सुबह होते ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में अफरातफरी का माहौल बन रहा है। एजेंसी के कर्मी सिलेंडर की आपूर्ति तो कर रहे हैं, लेकिन एक तकनीकी खामी ने अधिकांश लोगों को खाली हाथ लौटने पर मजबूर कर दिया है। असल समस्या ऑनलाइन Gas Booking के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डीएसी (डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड) नहीं आना है। बिना इस कोड के एजेंसी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने से इनकार कर रही है।
इस तकनीकी समस्या के कारण केवल वही उपभोक्ता सिलेंडर ले जा पा रहे हैं, जिनके मोबाइल पर यह कोड आ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे उन लोगों की परेशानी बढ़ गई है, जिनके पैसे खाते से कट चुके हैं लेकिन कोड नहीं मिला। कई उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है:
- अकबरपुर बेक की रहने वाली बुजुर्ग महिला शमीना खातून ने बताया कि उनके खाते से 1001 रुपये कट गए, लेकिन डीएसी नंबर नहीं आया। उन्होंने कहा कि काफी मिन्नतें करने के बाद उन्हें सिलेंडर दिया गया।
- सुपौल मंदिर घाट की गीता देवी और कसरोड निवासी अनिल कुमार झा को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ा।
- अनिल कुमार झा ने बताया कि उन्होंने 6 मार्च को ही Gas Booking की थी, लेकिन डीएसी कोड न मिलने के कारण अब तक सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं।
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एजेंसी संचालक ने आरोपों को नकारा, बताई यह वजह
मामले पर जय माता दी इंडेन गैस वितरक के संचालक मिथिलेश जायसवाल ने सिलेंडर की कमी होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य 1001 रुपये में ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक तकनीकी समस्या है और उपभोक्ताओं को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक तकनीकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक धैर्य बनाए रखें। हालांकि, उपभोक्ताओं का कहना है कि धैर्य की भी एक सीमा होती है और बिना सिलेंडर के घर चलाना मुश्किल हो रहा है।




