

Biraul News: पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी ऐसा चकमा देकर भागा कि महकमे में हड़कंप मच गया। मानो हवा में विलीन हो गया हो और पुलिस हाथ मलती रह गई। यह सनसनीखेज मामला बिरौल थाना क्षेत्र का है, जहां एक महिला से छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास का आरोपी पुलिस को धता बताकर अनुमंडलीय अस्पताल से फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुरुवार की देर रात डुमरी गांव में एक महिला के साथ कथित तौर पर छेड़खानी करते हुए एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। सूचना मिलते ही गश्ती कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिंदु पासवान के बेटे मणिकांत कुमार को गिरफ्तार कर थाने ले आई। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
Biraul News: तबीयत बिगड़ने का बहाना और फिर फरार
थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि देर रात करीब पौने तीन बजे आरोपी मणिकांत कुमार ने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की। मानवीय आधार पर, उसे इलाज के लिए एक पुलिस पदाधिकारी शमशेर सिंह और एक चौकीदार की निगरानी में अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया। यहीं पर आरोपी ने अपनी योजना को अंजाम दिया। इलाज के दौरान उसने मौका पाते ही पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और अस्पताल से भाग निकला। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। आरोपी का पुलिस अभिरक्षा से इस तरह भाग जाना कई सवाल खड़े करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह घटना पुलिस की लापरवाही को भी उजागर करती है। सवाल यह उठता है कि एक गंभीर मामले के आरोपी को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी। फिलहाल, पुलिस अपनी चूक पर पर्दा डालने और आरोपी को दोबारा पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस ने तेज की छापेमारी
थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार आरोपी मणिकांत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया है कि आरोपी को जल्द ही फिर से सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद से पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है। आरोपी के फरार होने से गांव में भी तनाव का माहौल है। यह देखना अहम होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपी को दोबारा पुलिस अभिरक्षा में ले पाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




