

Darbhanga Saraswati Puja Guidelines: बिरौल न्यूज़ त्योहारों का रंग तभी गहराता है जब सौहार्द और मर्यादा की रेखाएं कायम रहें। आगामी सरस्वती पूजा को लेकर बिरौल में प्रशासनिक सख्ती और सामंजस्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला है।
बिरौल न्यूज़: Saraswati Puja Guidelines: लाइसेंस अनिवार्य, डीजे पर बैन और कड़े नियम, शांति समिति की बैठक में फैसला
आगामी Saraswati Puja Guidelines: शांति और सौहार्द का संकल्प
बिरौल (एसएनबी)। अनुमंडल मुख्यालय स्थित थाना परिसर में मंगलवार को आगामी 23 जनवरी को मनाए जाने वाले सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभाकर तिवारी की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना लाइसेंस के पूजा का आयोजन और प्रतिमा विसर्जन किसी भी सूरत में नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन ने इस बार पिछली गलतियों से सबक लेते हुए कठोर रुख अपनाया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या आपसी सद्भाव बिगड़ने की आशंका को समाप्त किया जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।
एसडीओ शशांक राज ने पिछले वर्ष की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सुपौल बाजार में दो पूजा समितियों ने प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान निर्धारित रूट का उल्लंघन कर दूसरे रूट में प्रवेश कर लिया था, जिस पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वर्ष किसी भी परिस्थिति में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी पूजा समितियों को अनिवार्य रूप से निर्धारित रूट से ही प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकालना होगा। दूसरे रूट से विसर्जन जुलूस निकालने पर संबंधित पूजा समितियों के सदस्यों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और नियमों की लंबी फेहरिस्त
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि जुलूस के दौरान कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में नहीं रहेगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी व्यक्ति को खतरनाक हथियार जैसे तलवार, भाला आदि लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। जुलूस में उत्तेजक या आपत्तिजनक नारे लगाना सख्त वर्जित होगा, जिससे सामाजिक सौहार्द या किसी अन्य समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। विस्फोटक पदार्थों का उपयोग भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थानों पर पूजा के समय तेज आवाज में गाने बजाना या नारे लगाना मना है और जुलूस को किसी भी धार्मिक स्थल के सामने पांच मिनट से अधिक समय तक रोकने की अनुमति नहीं होगी।
लाइसेंसधारी जुलूसों पर प्रशासन का पूरा नियंत्रण रहेगा। किसी भी पुलिस पदाधिकारी द्वारा लाइसेंस मांगे जाने पर तत्काल उसे प्रस्तुत करना होगा। लाइसेंसधारी और आयोजन समिति के सदस्यों को अपनी अलग पहचान बनानी होगी तथा लाइसेंसधारी जुलूस के आगे रहेंगे। जुलूस के दौरान कोई भी व्यक्ति बैनर, पोस्टर, पम्पलेट आदि लेकर नहीं चलेगा, जिससे किसी अन्य समुदाय को ठेस पहुंचे। अपनी पहचान छुपाने के उद्देश्य से मुंह ढक कर चलना भी प्रतिबंधित है। प्रत्येक लाइसेंसधारी जुलूस के साथ एक वीडियोग्राफर रखेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिस स्थान पर जुलूस रुकेगा या कोई खेल प्रदर्शित किया जाएगा, वहां कोई अवशेष या सामान नहीं छोड़ा जाएगा।
विधि व्यवस्था या धार्मिक सौहार्द बिगड़ने वाले रूट पर जुलूस ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक लाइसेंसधारी को अपने साथ आयोजन समिति के बीस सदस्यों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और फोटो के साथ हस्ताक्षर कर लाइसेंस आवेदन के साथ जमा करना होगा। यह लाइसेंसधारी और आयोजनकर्ता समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी होगी कि वे जुलूस में भाग लेने वालों को नियंत्रित रखें। यदि जुलूस में शामिल किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी कोई गतिविधि की जाती है जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना है या शांति व्यवस्था भंग होती है, तो लाइसेंसधारी के साथ-साथ आयोजन समिति के सभी सदस्य जिम्मेदार होंगे, चाहे वे उस समय जुलूस के साथ हों या नहीं। आयोजन समिति को कम से कम बीस स्वयंसेवक अलग पहचान-पत्र या पहचान चिन्ह के साथ रखने होंगे, जिनकी सूची थाना को उपलब्ध करानी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध और नियमों का कड़ाई से पालन
लाइसेंसधारी और आयोजन समिति रात में जुलूस नहीं निकालेंगे तथा जुलूस में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। लाउडस्पीकर के माध्यम से बजाए जाने वाले गीत या गानों की रिकॉर्डिंग लाइसेंस जारी होने से पूर्व थानाध्यक्ष को उपलब्ध करानी होगी और संबंधित थानाध्यक्ष के सत्यापन के बाद ही उन गीतों को बजाया जा सकेगा। यदि कहीं सार्वजनिक स्थानों पर कोई प्रतीक चिन्ह, झंडा इत्यादि लगवाया गया है, तो जुलूस के ठीक अगले दिन उसे हटाना अनिवार्य होगा। एसडीपीओ तिवारी ने पूजा समितियों को उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। थानाध्यक्ष चंद्रमणि को डीजे की सूची बनाकर जब्त करने का निर्देश भी दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बैठक में बीडीओ प्रदीप कुमार झा, सीओ आदित्य शंकर, पुलिस पदाधिकारी अमृत लाल बर्मन, मुखिया प्रतिनिधि मनोज सुधांशु, इंद्र भूषण प्रधान, हरि सहनी, रविंद्र मंडल, बिनोद सहनी, कमरे आलम, मो कासिफ उजाला, जितेंद्र सिंह, पृथ्वी चंद्र यादव, राजीव चौधरी, प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में अन्य गणमान्य लोग और पूजा समिति के सदस्य मौजूद थे। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस वर्ष सरस्वती पूजा पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी, लेकिन नियमों का पालन सर्वोपरि होगा।

