
Bihar Diwas: जैसे उत्सव का कोई दीया अपनी पूरी लौ से जलकर शांत होता है, ठीक वैसे ही बिरौल में बिहार दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह का भव्य समापन हो गया। इस मौके पर उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बिरौल अकबरपुर का परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अद्भुत रंग से सराबोर हो उठा।
Bihar Diwas पर प्रतिभाओं का सम्मान
अनुमंडल प्रशासन, बिरौल द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय समारोह के समापन अवसर पर विभिन्न प्रखंडों से आए छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और ज्ञान का ऐसा प्रदर्शन किया कि उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभाकर तिवारी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं प्रधानाध्यापकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
सम्मानित होने वालों में बिरौल, किरतपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी और गौराबौराम प्रखंडों के उत्कृष्ट प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इनमें नरेश दास, नटवर कुमार चौधरी, सविता कुमारी, बालेंदु कुमार, रंजन झा, पूनम यादव, असित कुमार राम, नीरज कुमार, काजल कुमारी, संजय कुमार, सुरेंद्र शर्मा, पिंकी कुमारी, रामनरेश सिंह, संतोष कुमार और प्रगति कुमारी जैसे शिक्षा जगत के सितारे शामिल थे, जिन्हें उनके योगदान के लिए सराहा गया।इससे पहले समारोह के अंतर्गत पेंटिंग, क्विज, गणित ओलंपियाड, वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल और शील्ड देकर उनके हौसले को बढ़ाया गया। यह एक ऐसा अवसर था जहां हर किसी के चेहरे पर अपनी प्रतिभा के सम्मान की खुशी झलक रही थी।
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से बांधा समां
शाम जैसे-जैसे ढल रही थी, सांस्कृतिक कार्यक्रम का रंग और भी गहरा होता जा रहा था। स्थानीय मैथिली कलाकार राजीव रंजन ने जब “हम बिहारी हैं जी” गीत गाया, तो पूरा माहौल जोश और उत्साह से भर गया और लोग खुद को झूमने से नहीं रोक सके। उनका साथ दे रहे थे हारमोनियम पर संगीत शिक्षक नीरज झा और तबले पर शिक्षक कार्तिक कुमार झा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, डॉ. राकेश रोशन और पंकज कुमार झा की कविताओं ने भी खूब वाहवाही बटोरी।गायिका शिवानी झा और संगीता कुमारी की मधुर आवाज ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक लोकनृत्यों जैसे झिझिया और जट-जटिन की प्रस्तुति ने दर्शकों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की याद दिला दी। इस अद्भुत प्रदर्शन के लिए सभी कलाकारों को “अनुमंडल सांस्कृतिक प्रतिभा सम्मान” से नवाजा गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अधिकारियों ने बढ़ाया छात्रों का हौसला
इस अवसर पर अनुमंडल कार्यालय के कर्मियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अवकाश प्राप्त शारीरिक शिक्षक रवींद्र कुमार सिंह को “अनुमंडल खेल रत्न पुरस्कार” और उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बिरौल के शिक्षक केशव कुमार चौधरी को “अनुमंडल शिक्षा रत्न सम्मान” से सम्मानित करना एक विशेष क्षण था।अपने संबोधन में एसडीओ श्री शशांक राज ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं, क्योंकि ये उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। वहीं, एसडीपीओ श्री प्रभाकर तिवारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए अनुशासन, परिश्रम और अच्छे चरित्र के महत्व पर जोर दिया और उन्हें जीवन में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अंत में, एसडीओ शशांक राज ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, कार्यक्रम संयोजक केशव कुमार चौधरी, और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।






